नवगछिया । कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के बाद कोसी किनारे के निवासियों में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया है। मंगलवार को कोसी नदी का जलस्तर बढ़ता रहा, जिससे कई नए गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोग अपने सामान के साथ ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं। कोसी नदी के किनारे स्थित चोरहर, सकूचा, विजय घाट पुल, कोरचक्का, पुनसमा, प्रताप नगर, जहांगीरपुर, बैसी, सहोरा, मदरौनी और सधुआ चापर के निवासियों में धीरे-धीरे भय का माहौल उत्पन्न हो गया है। मंगलवार को दिनभर लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए सामान के साथ निकलते रहे।
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पुनमा प्रताप नगर काली मंदिर के पास बाढ़ का पानी
कोसी नदी का बाढ़ का पानी अब पुनमा प्रताप नगर में प्रवेश करने लगा है। ग्रामीण नन्हे सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी काली मंदिर के पास आ गया है। यदि यही रफ्तार रही, तो पानी रात भर में गांव में भी घुस जाएगा। लोग पहले से ही स्थिति से निपटने के लिए तैयार बैठे हैं।
मदरौनी नासी टोला में बाढ़ का पानी
कोसी के जलस्तर में वृद्धि के बाद मदरौनी नासी टोला के 100 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गोढ़ीयारी टोला, नाई टोला और नासी टोला में लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं। पीड़ित राजीव मंडल, सुमन कुमार और नरोत्तम ने कहा कि प्रशासन द्वारा कोई सहायता नहीं दी जा रही है। शौचालय और पन्नी की गंभीर समस्या है।

नाव की कमी से लोग जोखिम में
पीड़ित दयानंद साह, गणपत साह, दिलीप साह ने बताया कि उनके घरों में पानी कमर तक भर गया है। सड़क से दूर होने के कारण आने-जाने के लिए नाव नहीं है, और लोग ड्रम पर सवार होकर जोखिम उठाकर आते-जाते हैं। कुछ लोगों के पास नाव है, लेकिन वे केवल अपना काम करते हैं।
राहत सामग्री में कमी
गणपत साह ने गुस्से में बताया कि पन्नी दिलाने के नाम पर दो हजार रुपये मांगे जा रहे हैं, और कहा जा रहा है कि यदि नहीं दिए, तो राहत में कटौती होगी।
घर छोड़ने का सिलसिला जारी
जलस्तर में वृद्धि के बाद जिन लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुसा, उनके सामान के साथ घर छोड़ने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। छोटे बच्चों के साथ लोग एनएच-31 की ओर जाते हुए दिखाई दिए।
