नवगछिया : जीरोमाइल से भागलपुर जीरोमाइल तक वर्तमान सड़क (एनएच 131-बी) को फोरलेन बनाने के सपने पर दिल्ली ने अड़ंगा लगा दिया है। भागलपुर एनएच विभाग की भेजी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंत्रालय ने वापस कर दिया है। सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मॉर्थ) ने छह बिंदु पर आपत्ति जताते हुए रिवाइज डीपीआर (संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) जल्द भेजने को कहा है। गौरतलब है कि यह डीपीआर सिर्फ पहले फेज की है।
जो नवगछिया जीरोमाइल चौक (एनएच 31) से विक्रमशिला सेतु के पास जाह्नवी चौक के समीप तक की बनाई गई है। डीपीआर का काम गुड़गांव की कंपनी वीकेएस इंफ्रा कर रही है। इसके लिए वीकेएस इंफ्रा ने 30 लाख रुपये की निविदा ली थी। एनएच के कार्यपालक अभियंता बृजनंदन कुमार ने बताया कि मॉर्थ की आपत्ति का निराकरण किया जा रहा है। मंत्रालय को डीपीआर की कुछ बिंदु पर तकनीकी खामियां दिखी थी। जिसे सुधार कर रिवाइज डीपीआर मांगी गई है।
जल्द ही रिवाइज डीपीआर मंत्रालय भेजी जाएगी। दूसरे फेज के तहत विक्रमशिला सेतु के दक्षिणी छोड़ से लेकर बायपास जिच्छो पंप तक (मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन कनेक्टिंग रोड) की डीपीआर तैयार हो रही है। वीकेएस इंफ्रा ने यह रिपोर्ट भी जल्द देने का भरोसा दिलाया है। पहले फेज में 9.800 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण पर करीब 238 करोड़ के खर्च होने की रिपोर्ट दी गई है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद ही वास्तविक खर्च का आकलन हो सकेगा। दूसरे फेज में 6.200 किमी सड़क को फोरलेन में बदला जाएगा। विभाग की कोशिश है कि समानांतर पुल चालू होने से पहले वर्तमान एनएच को फोरलेन में बदल दिया जाएगा।


