नवगछिया : मध्य विद्यालय से उत्क्रमित होकर बने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों द्वारा प्रभार नहीं सौंपने के मामले को जिला शिक्षा कार्यालय ने गंभीरता से लिया है। इसको लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) माध्यमिक शिक्षा की ओर से एक बार फिर संबंधित अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।
शोकॉज किए गए लोगों में नारायणपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय दुधैला की निलंबित प्रभारी प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी, उर्दू मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. लोकमान तथा मध्य विद्यालय महियामा के प्रधानाध्यापक मो. नसीमुद्दीन शामिल हैं।
इसके अलावा गोपालपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) को भी शोकॉज किया गया है। दरअसल, गोपालपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय पचगछिया में भी प्रभार नहीं दिए जाने का मामला सामने आया है। जबकि इससे पहले डीपीओ द्वारा जिले के सभी बीईओ को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि यदि उनके प्रखंड में ऐसा कोई मामला हो तो तत्काल संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।

नियमों की अनदेखी पर सख्त रुख
शिक्षा विभाग के अनुसार नियमानुसार जब किसी मध्य विद्यालय को उत्क्रमित कर माध्यमिक या उच्च माध्यमिक विद्यालय बनाया जाता है, तो पूर्व प्रधानाध्यापक को अपना प्रभार वहां पदस्थापित नए प्रधानाध्यापक को सौंपना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद कई विद्यालयों में नियमों की अनदेखी की जा रही थी।
डीपीओ माध्यमिक शिक्षा ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित प्रधानाध्यापकों एवं अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से जिले के अन्य विद्यालयों में भी हड़कंप मचा हुआ है और शिक्षा विभाग की सख्ती से व्यवस्था दुरुस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।

