नारायणपुर प्रखंड के भ्रमरपुर दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित राम कथा सत्संग के तीसरे दिन शिव विवाह प्रसंग कथा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र, दीपक, प्रोफेसर सुमन और प्रोफेसर अरविंद झा की उपस्थिति में भक्तों, ग्रामीण माताओं और अभिभावकों ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया।

इसके बाद रामेश्वर उपाध्याय ने शिव विवाह प्रसंग की कथा सुनाई। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि बैल सनातन धर्म का प्रतीक है और भगवान शिव धर्म की सवारी करते हुए सनातन धर्म के सबसे बड़े रक्षक के रूप में विराजमान हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश भी दिया।

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By न्यूज़ डेस्क

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