भागलपुर को पर्यटन और आर्थिक विकास की नई पहचान देने के लिए केंद्र सरकार की ‘अर्थ गंगा ट्रेल’ परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। जलशक्ति मंत्रालय की इस योजना में देश के सिर्फ दो शहर—भागलपुर और कन्नौज—को चुना गया है।
🏞️ पर्यटन विकास को मिलेगी रफ्तार
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट की टीम ने कहलगांव से चंपानगर तक दौरा कर पर्यटन संभावनाओं का आकलन किया। योजना के तहत शहर के प्रमुख स्थलों को रिवर फ्रंट के रूप में विकसित किया जाएगा।
इनमें विक्रमशिला विश्वविद्यालय, बटेश्वर स्थान, कहलगांव घाट, बूढ़ानाथ मंदिर, अजगैवीनाथ मंदिर और बरारी सीढ़ी घाट शामिल हैं।

🧵 सिल्क और मंजूषा कला को बढ़ावा
भागलपुर की प्रसिद्ध सिल्क इंडस्ट्री और मंजूषा कला को भी इस योजना में शामिल किया गया है। पर्यटक अब सीधे बुनकरों और कलाकारों से जुड़ सकेंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों को बड़ा फायदा मिलेगा।
💼 रोजगार के नए अवसर
इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। गाइड, होटल, ट्रैवल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
🐬 गंगा डॉल्फिन बनेगी आकर्षण
गंगा डॉल्फिन इस योजना का मुख्य आकर्षण होगी। पर्यटक गंगा किनारे प्राकृतिक सौंदर्य के साथ डॉल्फिन का भी आनंद ले सकेंगे, जिससे इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
🔍 टीम ने किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान नमामि गंगे की विशेषज्ञ प्रियंका झा और आईआईटीटीएम की रानू चौहान ने प्रशासन के साथ विभिन्न स्थलों का जायजा लिया और पर्यटन व पर्यावरण की संभावनाओं का मूल्यांकन किया।
📈 विकास की नई दिशा
‘अर्थ गंगा ट्रेल’ का उद्देश्य गंगा किनारे बसे शहरों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और लोगों की आजीविका को मजबूत करना है। इस योजना से भागलपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

