विक्रमशिला सेतु टूटने के बाद लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। भागलपुर से नवगछिया लौटने वाले कई यात्री बुधवार रात बरारी घाट पर ही फंस गए। नाव सेवा शाम 5:30 बजे बंद होने के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पूरी रात घाट किनारे टेंट में गुजारनी पड़ी।


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नवगछिया के भदरा गांव की अरुणा देवी ने बताया कि दिनभर सब्जी बेचने के बाद शाम 6 बजे बरारी घाट पहुंचीं, लेकिन नाव नहीं मिलने से घर नहीं जा सकीं। घर में छोटे-छोटे बच्चे अकेले हैं और पूरी रात चिंता में बीती। उन्होंने कहा कि खाने और सोने की समुचित व्यवस्था नहीं है, मजबूरी में चूड़ा खाकर रात काटनी पड़ रही है।

घाट पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी अंधेरा, तेज हवा, मच्छरों और भोजन की कमी की शिकायत की। कई लोग परीक्षा, इलाज और रोज़गार के सिलसिले में भागलपुर आए थे, लेकिन नाव सेवा बंद होने से फंस गए।

वहीं जिला प्रशासन का दावा है कि बरारी और महादेवपुर घाट पर यात्रियों के लिए टेंट, शौचालय, पेयजल, एंबुलेंस, चिकित्सा शिविर और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए पुलिस और दंडाधिकारियों की भी तैनाती की गई है।

बता दें कि रविवार रात विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर लंबा स्लैब गंगा में समा गया था, जिसके बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।

By न्यूज़ डेस्क

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