नवगछिया: साइबर ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों की जांच के दौरान नवगछिया साइबर थाना पुलिस ने एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में नारायणपुर निवासी राकेश कुमार, नवगछिया के जोनियानगर निवासी संजय मंडल, तबरेज आलम और राहुल कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जमा, ट्रांसफर और निकासी के लिए किया जाता था। साइबर अपराध की दुनिया में ऐसे खातों को “म्यूल अकाउंट” कहा जाता है।
यह कार्रवाई साइबर थाना में तैनात पुलिस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में की गई। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज विभिन्न शिकायतों की जांच के दौरान कई संदिग्ध बैंक खातों की पहचान हुई थी। तकनीकी विश्लेषण और बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल में सामने आया कि साइबर ठगी की राशि इन खातों में जमा की जा रही थी और बाद में विभिन्न माध्यमों से निकाली जा रही थी।

मोबाइल नंबर, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले 5 से 10 प्रतिशत तक कमीशन प्राप्त करते थे।
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पुलिस को पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी मिली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर या इंटरनेट बैंकिंग सुविधा किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें, क्योंकि ऐसा करना उन्हें भी साइबर अपराध के मामलों में कानूनी परेशानी में डाल सकता है।

