नवगछिया: विक्रमशिला सेतु की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच नवगछिया के एसडीओ रोहित कर्दम ने सेतु की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक और एनएच-131बी खगड़िया प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को पत्र भेजा है।
एसडीओ द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर जिला प्रशासन ने भी मुख्यालय से विक्रमशिला सेतु के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। पत्र में विशेष रूप से सेतु के पिलर संख्या 121 और 122 के बीच स्थित एक्सपेंशन ज्वाइंट की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञ टीम गठित करने की मांग की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दिए सुझाव
एसडीओ रोहित कर्दम ने पत्र में सेतु की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने पूरे विक्रमशिला सेतु पर डिवाइडर लगाने की आवश्यकता बताई है, ताकि यातायात अधिक सुरक्षित और नियंत्रित रह सके।

इसके अलावा सेतु पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए प्रत्येक 500 मीटर की दूरी पर पोर्टा केबिन निर्माण कराने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, आधुनिक सीसीटीवी कैमरों की स्थापना तथा सीसीटीवी मॉनिटरिंग रूम बनाने की भी अनुशंसा की है।
बैरियर और ड्रॉप गेट लगाने का प्रस्ताव
एसडीओ ने पिलर संख्या 120 और 121 के समीप बैरियर अथवा ड्रॉप गेट स्थापित करने का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि किसी भी आपात स्थिति में इस व्यवस्था के माध्यम से यातायात को तत्काल नियंत्रित किया जा सकेगा और सुरक्षा जोखिमों को कम किया जा सकेगा।
प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए इन कदमों के बाद अब लोगों की नजरें तकनीकी जांच टीम के गठन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

