भागलपुर: नवगछिया का बहुप्रतीक्षित सड़क एवं पुल परियोजनाओं में शामिल कोसी नदी पर बन रहा राज्य का सबसे लंबा पुल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 28.918 किलोमीटर लंबी पुल सह सड़क परियोजना का 96.6 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यदि कार्य तय समय पर पूरा हुआ तो अगले आठ महीने में इस पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है।
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करीब 996.30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना के शुरू होने के बाद भागलपुर, मधेपुरा और सहरसा के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा। विशेष रूप से भागलपुर से मधेपुरा और सहरसा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर कम हो जाएगी। साथ ही नेपाल जाने वाले यात्रियों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) और राष्ट्रीय राजमार्ग-106 (NH-106) को आपस में जोड़ा जा रहा है। सुपौल की ओर सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि मधेपुरा के फुलौत में कोसी नदी पर बन रहा 6.94 किलोमीटर लंबा फोरलेन पुल अंतिम चरण में है। पुल के कुल 128 स्पैन में से 126 स्पैन का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष अंतिम स्पैन पर तेजी से काम जारी है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। प्रारंभिक लक्ष्य जून 2024 तक निर्माण पूरा करने का था, लेकिन विभिन्न कारणों से कार्य प्रभावित होने पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी समय-सीमा बढ़ाकर 28 फरवरी 2027 कर दी। हालांकि निर्माण एजेंसियों का दावा है कि अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और परियोजना तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।
वर्तमान में पुल के अंतिम हिस्से के साथ-साथ अप्रोच रोड पर भी तेज गति से काम चल रहा है। सड़क पर डब्ल्यूएमएम (WMM), डीबीएम (DBM) और बिटुमिनस लेयर बिछाने का कार्य भी अंतिम दौर में है।
परियोजना पूरी होने के बाद केवल यात्रा का समय और दूरी ही कम नहीं होगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन और नेपाल से सीमा पार संपर्क को भी नई गति मिलेगी। इससे कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
