नवगछिया। भाद्रपद मास की अमावस्या के अवसर पर नवगछिया स्टेशन रोड स्थित श्री श्री 1008 मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर में मां का आकर्षक दरबार सजाया जाएगा और माता को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा।
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मंदिर के पुजारी रामजी मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि भादो अमावस्या पर मंदिर में होने वाला यह विशेष आयोजन पिछले करीब 14 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर मां दक्षिणेश्वरी काली की पूजा-अर्चना और दर्शन करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद मास की अमावस्या को कुशोत्पाटिनी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन वर्षभर होने वाले पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठानों और श्राद्ध आदि कार्यों में उपयोग की जाने वाली कुश घास एकत्र करने की परंपरा है। कुश को धार्मिक दृष्टि से पवित्र माना जाता है और पूजा-पाठ, श्राद्ध तथा ग्रहण जैसे अवसरों पर इसका विशेष महत्व होता है।

मान्यता है कि ग्रहण के दौरान कुश का उपयोग पानी, दूध तथा अन्य खाद्य पदार्थों को अपवित्र होने से बचाने के लिए किया जाता है। धार्मिक कार्यों में भी कुश का उपयोग शुद्धि और पवित्रता के लिए किया जाता है।
धार्मिक परंपरा के अनुसार कुशोत्पाटिनी अमावस्या के लिए अमावस्या तिथि का पूर्वाह्नव्यापिनी होना महत्वपूर्ण माना जाता है। यानी जिस दिन अमावस्या तिथि दिन के शुरुआती दो प्रहर तक व्याप्त रहती है, उसी दिन कुश एकत्र करने की परंपरा मानी जाती है।
इधर, मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। मां का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के बाद छप्पन भोग लगाया जाएगा।
आयोजन को लेकर मंदिर समिति और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। भादो अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है।
