गोपालपुर। प्रखंड मुख्यालय के सभागार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था और सुरक्षा कार्यों की समीक्षा को लेकर अनुश्रवण सह निगरानी समिति की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख रागिनी देवी ने की, जबकि संचालन अंचलाधिकारी रौशन कुमार ने किया।
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बैठक की शुरुआत में ही ब्रह्मोत्तर तटबंध की मरम्मत को लेकर विभागीय लापरवाही का मुद्दा प्रमुखता से उठा। तटबंध की मौजूदा स्थिति और हर साल किए जाने वाले अस्थायी इंतजामों पर प्रखंड प्रमुख ने कड़ी नाराजगी जताई।
हर साल बालू की बोरी डालना स्थायी समाधान नहीं
प्रखंड प्रमुख रागिनी देवी ने कहा कि बाढ़ आने और तटबंध से पानी ओवरफ्लो होने के बाद केवल बालू भरी बोरियां लगाकर काम चलाना किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। तटबंधों को बाढ़ से पहले ही तकनीकी रूप से मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि हर साल ग्रामीणों को बाढ़ की आशंका और दहशत में नहीं रहना पड़े।

उन्होंने ब्रह्मोत्तर तटबंध की पुख्ता मरम्मत और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। बैठक में तटबंध की सुरक्षा को लेकर संबंधित विभाग से गंभीरता से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
पांच पंचायतों के 28 वार्ड बाढ़ की चपेट में
बैठक के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की गई। सीओ रौशन कुमार ने बताया कि गोपालपुर प्रखंड की पांच पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें चार पंचायतें आंशिक रूप से, जबकि एक पंचायत पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है।
तिनटंगा करारी पंचायत के सभी वार्ड समेत कुल 28 वार्ड वर्तमान में बाढ़ प्रभावित हैं। इन इलाकों में राहत और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
पेयजल और पशुचारा की समस्या भी उठी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के सामने उत्पन्न बुनियादी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों ने बैठक में प्रमुखता से उठाया। खासकर शुद्ध पेयजल की कमी और मवेशियों के लिए पशुचारा उपलब्ध नहीं होने की समस्या पर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया।
बीडीओ कुंदन कुमार ने पशुचारा उपलब्ध कराने के लिए तत्काल आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। वहीं, सीओ रौशन कुमार ने कहा कि सभी पात्र और सत्यापित लाभुकों को नियमानुसार जीआर (GR) की राशि जल्द उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी हुई चर्चा
बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरी सेवाओं को सक्रिय रखने और लोगों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया।
बैठक में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार, प्रमुख प्रतिनिधि निकेत बिहारी, मुखिया प्रतिनिधि अजय चौधरी, मुखिया नगीना पासवान, अमित चौधरी, मनकेश्वर सिंह, मुखिया प्रतिनिधि विजय सिंह, वार्ड प्रतिनिधि निर्मल कुमार यादव, पंचायत समिति सदस्य मनोज रविदास और भाजपा मंडल अध्यक्ष रंजीत झा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान साफ तौर पर यह बात सामने आई कि बाढ़ से निपटने के लिए केवल तत्काल राहत पर्याप्त नहीं है। तटबंधों की स्थायी मजबूती, पेयजल, पशुचारा और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
