बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी नेताओं को भोज का न्यौता भेजा है, जिसपर आज एक बार फिर भोज की राजनीति की चर्चा जोरों पर है।

दरअसल सीएम की तरफ से मिले निमंत्रण को लेकर बीजेपी के कुछ नेता तो असमंजस की स्थिति में हैं तो कुछ इस भोज में जाने को भी आतुर हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार ने माफी नहीं मांगी है तो इस भोज में नहीं जाना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार ने कहा है कि हम सभी जदयू के भोज में जाएंगे।

इस भोज में जाने के लिए बिहार बीजेपी के प्रवक्ता संजय मयूख ने अपने सीनियर नेताओं से फोन पर राय मशविरा कर कहा है कि हां नीतीश जी ने बुलाया है तो लजीज व्यंजन का स्वाद लेने जरूर जाएंगे। मयूख ने शायद बीजेपी के वरिष्ठ नेता नन्द किशोर यादव से भी इस मुद्दे पर बात की है।
नीतीश कुमार ने 27 मार्च को दोनों सदन के सभी सदस्यों को भोज पर आमंत्रित किया है। इसके लिए उन्होंने बीजेपी के नेताओं को भी निमंत्रण दिया है। अब बीजेपी के नेता उस बात को भी याद कर रहे हैं, जब नीतीश कुमार ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर भोज रद्द कर दिया था। अब जब एक बार फिर सीएम ने निमंत्रण दिया है तो बीजेपी नेताओं के लिए असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
बीजेपी के हार्डकोर नेता, जो 2009 में राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य थे वो उस समय नीतीश कुमार की तरफ से भोज रद्द करने वाली बात को नहीं भूल पा रहे हैं। बीजेपी नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सार्वजनिक तौर पर सीएम माफी मांगते हैं तभी भोज में जाना चाहिए, अन्यथा नहीं जाना चाहिए।

