शोभायात्रा नवगछिया लक्षमीपुर शिवशक्तियोगपीठ आश्रम से निकाला गया
स्वामी आगमानंद जी महाराज के सानिद्ध में निकाला गया यात्रा
नवगछिया प्रतिनिधि : हिन्दी नववर्ष विक्रमसंवत 2074 में हिंदी नववर्ष की तैयारी शोभा यात्रा नवगछिया बस स्टैंड के श्री शिवशक्ति योगपीठ के नवगछिया स्थित प्रधान कार्यालय में परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज की अध्यक्षता में मंगलवार को निकाला गया.

बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार यह शोभा यात्रा नवगछिया स्थित प्रधान कार्यालय से सुबह करीब छह से सात बजे के बीच प्रारम्भ होगी. जो 14 नंबर रोड से होते हुए तेतरी दुर्गा स्थान, ध्रुवगंज, खरीक और बभनगामा, सौनवर्षा के रास्ते भ्रमरपुर दुर्गा मंदिर परिसर में पड़ाव रखेगी जाएगी स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कहा कि भ्रमरपुर दुर्गा मंदिर को यह मनद्वीप धाम कह कर संबोधन किया स्वामी आगमानंद जी महाराज ने बताया कि पूरानी संवत में जो भी बूराइयों हुआ था . उसे हम सभी लोगों ने होली में होलीका दहन कर के सभी बुराइयों को नाश कर नए वर्ष में में प्रवेश कर गए और उन्होनें कहा कि मैनें अखबार और प्रतीका में पढ़ा था कि एक जनवरी को जो लोग नए साल के रूप में मंदिर सब में भजन सब किया करते है. और कई साधू संत भी को एक जनवरी को नए साल के रूप में मनाते हुए देखते है. इस विशाल शोभायात्रा में स्वामी आगमानंद जी महाराज के कई जगहों पर से आए हुए भक्त गण शामील हुए. कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, खगड़ीया, भागलपुर, नवगछिया, पटना, मधेपूरा, के व अन्य कई जगहों पर से बाबा के भक्त गण शामील हुए. सभी भक्त गण हजारों की संख्या में अपने सैकडो़ वाहन से इस विशाल हिन्दी नववर्ष के शोभायात्रा में शामील हुए. भ्रमरपूर दुर्गा स्थानजहां से पुनः प्रारम्भ होकर एनएच 31 के रास्ते काजीचक, महेशखूंट होते हुए पटेल हाई स्कूल के प्रांगण में स्वामी आगमानंद जी महाराज का मंचीय कार्यक्रम हुआ यहां पर स्वामी आगमानंद जी महाराज ने करीब आधा घंटा तक सभी भक्त गणों को आपने आशीश वचन से आशीर्वाद दिए . फीर यहां से विसौनी के मद्य विद्यालय विशौनी के प्रांगण में समापन किया गया. इस यात्रा में स्वामी मानवानंद जी, स्वामी प्रेमानंद जी, पं प्रेमशंकर भारती, पंडीत शंभू नाथ वैदीक, पंडीत कौशल जी , मनोरंजन सिंह, विजय गुप्ता, श्याम सुंदर भगत, राजेश झा, निलेश झा, मनोज सिंह, आशू आनंद, सूमीत भगत, दीपक यादुका, मनीष पांडेय, मंजू त्रिपाठी सहित दर्जनों प्रमुख अनुयायी मौजूद थे.


