एनएच-31 पर हादसे में जुगाड़ चालक की मौत, पांच साल पहले मां को खो चुके बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
नवगछिया। नवगछिया में एनएच-31 पर रविवार की अहले सुबह हुए सड़क हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह बेसहारा कर दिया। सतीशनगर बॉर्डर के समीप अज्ञात वाहन की जोरदार टक्कर से जुगाड़ चालक बैजनाथ प्रसाद सिंह (50) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वह रोज की तरह अपने घर से जुगाड़ वाहन लेकर खगड़िया की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात बड़े वाहन ने उनके जुगाड़ में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
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बैजनाथ की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उनके बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब पांच साल पहले बीमारी के कारण उनकी मां नूतन देवी का निधन हो गया था। इसके बाद पिता ही बच्चों का एकमात्र सहारा थे। अब सड़क हादसे में पिता की मौत से दो बेटों और एक बेटी के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया है।
घर से खगड़िया जा रहे थे बैजनाथ, रास्ते में काल बनकर आया अज्ञात वाहन
मृतक की पहचान नवगछिया आदर्श थाना क्षेत्र के पकरा गांव के वार्ड संख्या चार निवासी स्वर्गीय बुद्धू सिंह के पुत्र बैजनाथ प्रसाद सिंह के रूप में हुई है। परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह बैजनाथ अपने जुगाड़ वाहन से खगड़िया की ओर जा रहे थे। इसी दौरान भवानीपुर थाना क्षेत्र के एनएच-31 पर सतीशनगर बॉर्डर के समीप एक अज्ञात बड़े वाहन ने उनके जुगाड़ में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बैजनाथ सड़क पर गिर पड़े और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

हादसे के बाद वाहन चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना भवानीपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया।
अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार, पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव
हादसे की जानकारी मिलते ही बैजनाथ के परिजन अस्पताल पहुंचे। वहां शव देखते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
दोनों बेटे करते हैं मजदूरी, जुगाड़ चलाकर परिवार पालते थे बैजनाथ
बैजनाथ प्रसाद सिंह के परिवार की आर्थिक स्थिति भी इस हादसे के बाद चिंता का विषय बन गई है। परिजनों के अनुसार, उनकी पत्नी नूतन देवी का करीब पांच साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। परिवार में दो बेटे सोनू कुमार और मलिक कुमार तथा एक बेटी अंजली कुमारी है। दोनों बेटे बाहर रहकर मजदूरी करते हैं, जबकि बैजनाथ जुगाड़ वाहन चलाकर घर का खर्च उठाते थे।
पत्नी की मौत के बाद उन्होंने ही बच्चों की जिम्मेदारी संभाली थी। अपनी मेहनत की कमाई से परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। अब उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। जिस पिता ने मां के जाने के बाद बच्चों को संभाला, उसी पिता को सड़क हादसे ने उनसे हमेशा के लिए छीन लिया।
अज्ञात वाहन चालक की पहचान में जुटी पुलिस
एनएच-31 पर सतीशनगर बॉर्डर के समीप हुए इस हादसे के बाद अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करना पुलिस के लिए अहम है। फिलहाल वाहन की पहचान सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई से ही हादसे की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
