नवगछिया : स्नातक कॉमर्स की पढ़ाई करने वाले विधर्थियो को बिहार में शिक्षक बनने का मौका नहीं मिलेगा सरकार के एक निर्देश से हजारों हजारों कॉमर्स अभ्यर्थियों के शिक्षक बनने के सपने की मिट्टी में मिलते दिख रहे हैं राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के लिए आवेदन देने का सिलसिला अभी चल रहा है इस क्रम में छात्रों के आवेदन बोर्ड की वेबसाइट पर स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं ऐसे कई अभ्यार्थी जो (टेट) आवेदन के लिए बैंक से चालान बनवा चुके हुए उनकी परेशानी सबसे अधिक बढ़ी हुई है परेशान अभ्यर्थियों की परेशानियों को बोर्ड की ओर से भी नहीं सुनी जा रही है
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30 अप्रैल भरने की तिथि है। बोर्ड की वेबसाइट पर आवेदन स्वीकार न होने के बाद एक अभ्यर्थी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आवेदन स्वीकार नहीं हो रहा। कॉल सेंटर की ओर से भी कोई सही जवाब नहीं मिल रहा है। वर्ष 2011 में हुए टेट में स्नातक पास अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने की इजाजत दी गई थी। वर्ष 2017 की टेट के लिए भी शैक्षणिक योग्यता स्नातक ही रखी गई है।

शैक्षणिक योग्यता बीएससी या बीए व शिक्षा शास्त्र में दो वर्षीय कोस या फिर 50 फीसदी अंकों के साथ स्नातक व एक वर्षीय बीएड कई कोस रखा गया है। बिहार विद्यालयपरीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि सरकार के निर्देश पर स्नातक कॉमस के विद्यार्थियों पर रोक लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है कि कक्षा से छठी से आठवीं तक कॉमस विषय से संबंधित कोई पढ़ाई नहीं होती है। इसलिए कॉमस के विद्यार्थियों को इस परीक्षा में शामिल नहीं कराया जाए।

