लोगों ने किया मारपीट
ढोलबज्जा: नवगछिया के कोसी पार, कदवा दियारा पंचायत के मवि ठाकुर जी कचहरी टोला कदवा के प्रधानाध्यापक घनश्याम कुमार पर, रसोईया मंती देवी के द्वारा लगाए गए छेड़खानी व बदसलूकी के आरोप के बाद, शुक्रवार के दिन ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर, विद्यालय प्रभारी को किया जमकर धुनाई. रसोईया ने विद्यालय प्रभारी के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए बताई कि- वे बेवजह, जब मन तब मुझे फोन कर, परेशान करते रहते हैं कि- तुम नवगछिया आओ जो समान तुम्हें चाहिए वो मैं खरीद कर दूंगा और तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होने देंगे. इस तरह के बात वे मुझे 29 अप्रैल, एक व दो मई को फोन कर कह रहे थे. जहां वह जाने को तैयार नहीं थी. रसोईया ने इस बात को अपने परिवार के लोगों में बोली. जिसके बाद यह बात धीरे-धीरे आग की तरह सुनगते-सुनगते पुरे गांव में फ़ैल गई. जिसको लेकर गुरुवार के दिन विद्यालय में ग्रामीणों के साथ पंचायत हुई थी। जहां विद्यालय प्रभारी को तत्काल यहां आने रोक लगाया गया था.
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वे बात को नहीं मानते हुए, पुनः शुक्रवार के दिन विद्यालय पहुंच गया. जिससे ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर, उनकी धुनाई कर दी. जानकारी मिलते ही नवगछिया बीईईओ दिनेश प्रसाद, प्रमुख प्रतिनिधि शैलेन्द्र कुमार, मुखिया अशोक सिंह, सरपंच सिराज साह, मृत्युंजय राय, वार्ड बुचो व पुलिस सिंह के साथ अन्य लोग विद्यालय परिसर पहुंचे और मामले की तहकीकात करते हुए, संबंधित विद्यालय प्रभारी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया- मेरे ऊपर लगाए गए शारे आरोप बेवुनियाद व निराधार हैं. मुझे एक साज़िश के तहत फंसाया जा रहा है। मैं सिर्फ 29 अप्रैल को चारों रसोईया को फोन कर, केवाईसी बैंक संबंधी काम को लेकर नवगछिया आने को कहा था. जहां चारों रसोईया पहुंची थी. उसके बाद इस तरह का कोई फोन वगैरह नहीं किया हूं। मेरे बात का यकीन न हो तो मेरा मोबाइल नंबर को सर्विसलांस पर लेकर जांच किया जाय. यदि मेरे में कहीं दोषी पाया जाता है तो, मुझे जो सजा मिलेगा, मैं उसके लिए तैयार हूं।

उन्होंने यह भी बताया कि 2012 से पूर्व विद्यालय प्रभारी चंदन सिंह को लेकर और 2011-12 व 2014-15 में विद्यालय प्रभारी समेत पूर्व सचिव पर 778000 (सात लाख अठहत्तर हजार) रुपये भवन निर्माण, छात्रवृत्ति व पोषक राशी घोटाले का मेरे द्वारा किया गया मुकदमा चल रहा है। ये लोग मेल-जोल को लेकर, मेरे ऊपर दबाव बनाते आ रहे हैं. साथ ही जान से मारने की धमकी देते हैं. जो मैं मानने को तैयार नहीं हूं. उधर ग्रामीणों का कहना है कि इसे कहीं दुसरे जगह स्थानांतरित किया जाय. बीईईओ से पूछे जाने पर वह अभी कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं.
उक्त बातों को लेकर, दोनोें पक्ष की ओर से कदवा थाने में लिखित आवेदन दिया गया है. थानाध्यक्ष के के भारती मामले की छानबीन कर रहे हैं.

