सेक्टर पदाधिकारी व पीठासीन पदाधिकारी के लिखित आवेदन के आधार पर दर्ज की गई प्राथमिकी
नवगछिया : नगर पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर तीन के बूथ संख्या 2 मतदान के दौरान हुए पुलिस और प्रत्याशी समर्थकों के बीच झड़प, पत्थरबाजी और ईवीएम तोड़ने के मामले में नवगछिया थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है. जिसमें कुल 150 ज्ञात वह अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है.
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पीठासीन पदाधिकारी राजीव कुमार द्वारा 35 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है. जिसमें पूर्व पार्षद उमेश सिंह, उमेश सिंह का पुत्र अमित कुमार, रामानंद सिंह, महेश सिंह, तबरेज, कृष्णानंद कुमार, चमन सिंह, उदय कुमार, अजीत कुमार, प्रहलाद सिंह, हरी सिंह, ललन सिंह, हीरालाल सिंह, उमा देवी, अखिलेश कुमार, लालमणि देवी, पिंटू कुमार, सोनी कुमार, प्रकाश सिंह, सुधाकर कुमार, अनिल सिंह, गौरी सिंह, रानी देवी, अजय सिंह, नीलम देवी, शाहिद रजा, मोहम्मद परवेज, आलम मोहम्मद अमरोही पर बूथ में जबरन घुस कर ईवीएम मशीन तोड़ने और चुनाव प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है. वहीं पीठासीन पदाधिकारी सचिदानंद सिंह के बयान पर 16 लोगों पर नामजद प्राथमिकी नवगछिया थाना में दर्ज कराई गई है. जिसमें रामानंद कुमार, नवीन सिंह, महेश सिंह, मोहम्मद तबरेज, उमेश सिंह, कृष्णानंद कुमार, अमित कुमार, उदय कुमार, अजीत कुमार, प्रहलाद कुमार, गौरी सिंह, हरि सिंह, शाहिद रजा, मोहम्मद रियाज इन सभी पर आचार संगीता मामले में और चुनाव के दौरान जबरन ईवीएम मशीन तोड़ने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया गया है. मालूम हो कि वार्ड नंबर 3 के बूथ संख्या दो प्रमुख दो अलग-अलग पीठासीन पदाधिकारी द्वारा नवगछिया थाना में मामला दर्ज करवाया गया है. नवगछिया पुलिस मामले की प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन में जुट गई है. मालूम हो कि इस मामले में पुलिस ने घटना के तुरंत बाद 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था.

घटनास्थल पर नहीं रहने के बावजूद प्राथमिकी में डाल दिया गया नाम
नवगछिया नगर पंचायत के वार्ड नंबर 3 के दो नंबर बूथ पर पत्थरबाजी व ईवीएम तोड़फोड़ की घटना के मामले में दर्ज की गई प्राथमिकी में बेवजह निर्दोष लोगों का नाम दे दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है. भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि जिस वक्त घटना हो रही थी वे मतदान केंद्र के इर्द-गिर्द भी नहीं थे. प्रशासनिक स्तर से वह निजी अस्तर से किए जा रहे वीडियोग्राफी में भी वे दावे के साथ कह सकते हैं कि वे कहीं नजर नहीं आए हैं. फिर भी प्राथमिकी में उनका नाम दिया जाना आश्चर्यजनक है. इधर भारतीय जनता युवा मोर्चा के कई नेताओं ने जिला अध्यक्ष का नाम प्राथमिकी में शामिल कर दिए जाने की निंदा की है.

