बिहार : सरकार ने पुरे राज्य में पूर्ण रूप से शराबबंदी कानून को मजबूती से लागु करने के लिए एक नयी पहल शुरू की है. जिसके तहत गृह विभाग ने पुलिसकर्मियों को प्रत्येक प्रखंड के स्तर पर गुप्त सेवा व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का आवंटन दिया गया है.
सरकार ने यह कदम विदेशी शराब की बढती तस्करी को देखते हुए लिया है. अब यदि कोई भी पुलिस को शराब के बारे में गुप्त जानकारी देता है तो पुलिस उसे गुप्त सेवा व्यय फंड से सम्मान की राशी प्रदान करेगा. सरकार का मानना है कि शराब तस्करी के धंधे को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए इंटेलिजेंस एकत्र करना सबसे अहम है.
इस राशि का उपयोग पूरी तरह से शराब के व्यापार को पकड़ने के लिए ही किया जायेगा. यदि पुलिस अधिकारी इस फंड का पैसा किसी को देते हैं तो उसके लिये उन्हें तीन महीने के अंदर ही इससे संबंधित डीसी बिल या उपयोगिता प्रमाण-पत्र विभाग में जमा करना होगा. इस फंड का सारा हिसाब एक डायरी पर भी लिखना होगा


