नवगछिया : नवगछिया अनुमंडल के रंगरा चौक प्रखंड के कोसी तटवर्ती गांव मंदरौनी में पिछले 10 दिनों से पांच करोड़ की लागत से निर्मित बोल्डर पिचिंग के धसान का सिलसिला जारी है. मालूम हो कि अब तक 200 मीटर तक बोल्डर पिचिंग कोसी नदी धंस गया है. मालूम हो कि इसी वर्ष मंदरौनी ने गांव के शिव मंदिर के पीछे करीब साढे 500 मीटर के क्षेत्र में पांच करोड़ की लागत से बोल्डर पिचिंग का कार्य कराया गया था.
लेकिन कोसी नदी में जल अस्तर के शुरूआत री बढ़ोतरी के समय नहीं बोल्डर पीचिंग धसान का शिकार हो गया. देखते ही देखते यह दायरा बढ़ता रहा और पूरे 200 मीटर के क्षेत्र में बोल्डर पिचिंग बांध धसान का शिकार हो गया. जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी कह रहे हैं कि बांध धसान का शिकार नहीं हुआ है वरन यह एक तकनीकी प्रक्रिया है जिसे लॉन्चिंग टेंडेंसी कहा जाता है. जबकि ग्रामीणों का कहना है कि तकनीक का हवाला देकर उन लोगों को उल्लू बनाने का काम किया जा रहा है.

कार्य में लापरवाही बरती गई है. निचले स्तर का सतही काम नदी के न्यूनतम स्तर पर नहीं किया गया और कार्य पूरा होने के बाद बोल्डरों को लोहे के तार से ठीक से नहीं बांधा गया जिसके कारण जल स्तर के दवाब में यह ध्वस्त होना शुरू हो गया. एक दिन पहले धसान को रिस्टोर करने की प्रक्रिया में लगाए गए बोरी भी नदी में धस जाने की बात कही जा रही है. कार्यपालक अभियंता वीरेंद्र प्रसाद ने कहां की यहां पर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है. वर्तमान में कार्य कर रही एजेंसी और अभियंताओं द्वारा आंशिक रूप से बचाव कार्य किया जा रहा है.


