क्‍या आप जानते हैं कि रेलवे को पैसेंजर किराए में करीब 43 फीसद सब्सिडी देती है। इससे होने वाले घाटा को पाटने के लिए रेलवे रसोई गैस की तरह यात्रियों को सब्सिडी छोड़ने का विकल्प देने वाला है। दानापुर रेल मंडल के एक अधिकारी की मानें ताे संभव है की अगस्त तक यह व्यवस्था लागू कर दी जाए।

जानकारी के अनुसार सब्सिडी छोड़ने के लिए रेल मंत्रालय ने टिकट बुकिंग फॉर्म में अलग से कॉलम देने को मंजूरी दे दी है। जो यात्री सब्सिडी लेने पर टिक लगाएंगे, उन्‍हें सब्सिडाइज्ड रेल टिकट तो जो टिक नहीं नहीं  लगाएंगे, उन्‍हें फुल रेट पर टिकट दिया जाएगा। यह सिसटम ऑनलाइन बुकिंग पर भी लागू किया जाएगा। सब्सिडी लेने या ना लेने के विकल्प की व्यवस्था अगस्‍त से लागू की जा सकती है।

रेलवे यह व्‍यवस्‍था यात्री किराया में हो रहे घाटा को पाटने के लिए कर रही है। वर्तमान में यात्री टिकटों पर करीब 43 फीसद सब्सिडी दी जाती है।

सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करने की यह व्‍यवस्‍था लागू करने के पीछे भी एक कहानी है। फरीदाबाद के अवतार कृष्ण खेर ने ऑनलाइन बुक किए गए टिकट के प्रिंट पर यह जानकारी देखी कि रेल किराए का 43 फीसद देश के आम नागरिक वहन करते हैं। इसके बाद उन्‍होंने अपने रेल टिकट में मिली सब्सिडी के 950 रुपये का चेक रेलवे को भेज दिया। इसके बाद रेलवे को टिकट बुकिंग के दौरान सब्सिडी छोड़ने का विकल्प देने का आइडिया आया।

बताया जाता है कि रेलवे बोर्ड की हाल ही में हुई एक बैठक में रेल आरक्षण स्लिप में सब्सिडी छोड़ने का विकल्प देने पर चर्चा हुई। सीनियर सिटीजन सहित सभी कैटेगरी में यह विकल्प दिया जाएगा।

क्‍या आप जानते हैं कि रेलवे को पैसेंजर किराए में करीब 43 फीसद सब्सिडी देती है। इससे होने वाले घाटा को पाटने के लिए रेलवे रसोई गैस की तरह यात्रियों को सब्सिडी छोड़ने का विकल्प देने वाला है। दानापुर रेल मंडल के एक अधिकारी की मानें ताे संभव है की अगस्त तक यह व्यवस्था लागू कर दी जाए। जानकारी के अनुसार सब्सिडी छोड़ने के लिए रेल मंत्रालय ने टिकट बुकिंग फॉर्म में अलग से कॉलम देने को मंजूरी दे दी है। जो यात्री सब्सिडी लेने पर टिक लगाएंगे, उन्‍हें सब्सिडाइज्ड रेल टिकट तो जो टिक नहीं नहीं लगाएंगे, उन्‍हें फुल रेट पर टिकट दिया जाएगा। यह सिसटम ऑनलाइन बुकिंग पर भी लागू किया जाएगा। सब्सिडी लेने या ना लेने के विकल्प की व्यवस्था अगस्‍त से लागू की जा सकती है। रेलवे यह व्‍यवस्‍था यात्री किराया में हो रहे घाटा को पाटने के लिए कर रही है। वर्तमान में यात्री टिकटों पर करीब 43 फीसद सब्सिडी दी जाती है। सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रेरित करने की यह व्‍यवस्‍था लागू करने के पीछे भी एक कहानी है। फरीदाबाद के अवतार कृष्ण खेर ने ऑनलाइन बुक किए गए टिकट के प्रिंट पर यह जानकारी देखी कि रेल किराए का 43 फीसद देश के आम नागरिक वहन करते हैं। इसके बाद उन्‍होंने अपने रेल टिकट में मिली सब्सिडी के 950 रुपये का चेक रेलवे को भेज दिया। इसके बाद रेलवे को टिकट बुकिंग के दौरान सब्सिडी छोड़ने का विकल्प देने का आइडिया आया। बताया जाता है कि रेलवे बोर्ड की हाल ही में हुई एक बैठक में रेल आरक्षण स्लिप में सब्सिडी छोड़ने का विकल्प देने पर चर्चा हुई। सीनियर सिटीजन सहित सभी कैटेगरी में यह विकल्प दिया जाएगा।

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By न्यूज़ डेस्क

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