खरीक : गंगा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने से राघोपुर ब्रह्मा बाबा स्थान के समीप 400 मीटर के दायरे में भीषण कटाव शुरू हो गया है. जिस रफ्तार से कटाव हो रहा है उससे स्थानीय ग्रामीणों को अब लगने लगा है कि राघोपुर के छोटी अलालपुर समेत ब्रह्म बाबा स्थान के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे है.
कटाव का सिलसिला लगातार जारी रहा तो कभी भी ब्रह्म बाबा स्थान समेत तकरीबन 400 मीटर के दायरे में छोटी अलालपुर ध्वस्त होकर कोसी में समा जाएगा. अविलंब बचाव कार्य शुरु नहीं किया गया तो संभावित बाढ़ की आशंका प्रबल हो गई है .हर बार बाढ़ टाला नहीं जा सकता है.

ब्रह्मा बाबा स्थान के समीप तटबन्ध ध्वस्त होने पर गंगामें संभावित बाढ़ का पानी रेलवे तटबंध को तोड़ते हुए सलुइश गेट को पार कर ब्रह्म बाबा स्थान के समीप और छोटी अलालपुर के समीप ध्वस्त तटबंध से संभावित बाढ़ का पानी तटीय इलाकों में फैल जाएगा. जिससे खरीक के तेरह पंचायत के तकरीबन एक दर्जन के अधिक गांव की 70 हजार से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित होगी. बाढ़ की विभीषिका से खरीक प्रखंड के लोगों को संभावित बाढ़ की भीषण परेशानियों का सामना नही करना पड़े .
इसके लिए प्रशासनिक स्तर से जो तैयारी की गई है वह काफी नहीं है जिस कच्छप रफ्तार से फ्लड फाइटिंग का काम हो रहा है उससे ग्रामीणों को यह लगने लगा है कि हो न हो बहुत जल्दी तटबंध ध्वस्त हो जाएगा. भीषण तबाही होगी.सैकड़ों बीघे में लगी केले की फसल बर्वाद हो जाएगी. बचाव कार्य जारी रहेगा. इस तरह मंथर गति से बचाव कार्य होने से तटबंध बचने वाला नहीं है. अगर विभाग को तटबंध बचाना है तो इसके लिए दो से अधिक संवेदकों को एक साथ तटबंध बचाने के कार्य में लगाना होगा अन्यथा द्रुतगामी गति से बचाव कार्य नहीं होने की स्थिति में लोगों को भीषण जल प्रलय की स्थिति से जूझना पड़ सकता है.


