खरीक : खरीक थाना क्षेत्र के नरकटिया के प्रदीप कुमार झा श्रवण कुमार और बिहपुर थाना क्षेत्र के गौरीपुर के सौरभ कुमार उर्फ कारे राय छोटू कुमार उर्फ राघव को बीते 13 नवंबर को खगरिया जिला के परबत्ता थाना क्षेत्र के लगार दियारा में सामूहिक रूप से गोली मारकर हत्या कर लाश को गंगा नदी में बहा देने के सनसनी खेज मामले में हत्याकांड के मास्टरमाइंड पिंकू झा रोहित कुमार विकास सिंह सहित पांच अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. लेकिन पीड़ित परिवार के परिजनों के दिलों को ठंडक नहीं पहुंची है. मृतक के परिजनों के हृदय में हत्या के बदले हत्या खून के बदले खून की आग धधक रही है. परिजन चाह कर के भी इतनी बड़ी त्रासदी को भूल नहीं पा रहे हैं.
Total Downloads: 116
नरकटिया और गौरीपुर के मृतक युवकों के परिजनों ने बड़े ही लाड़-प्यार से बच्चे को तैयार कर बड़ा किया था. किसी को यह पता नहीं था उसका लाडला सयाना होगा तो वह अपराधियों के हत्या कर्म का भेंट चढ़ जाएगा . परिजनों का कहना जिस कदर हत्यारों ने उसके लाडलों पर जुल्म का कहर ढाया है वह क्षमा करने योग्य नहीं है. जिस तरह से अपराधियों ने अरपा तड़पाकर मेरे लाडलो को पहले बेरहमी से मारा पीटा और अधमरा कर दिया फिर फिल्मी स्टाइल में निर्दोष युवकों को गोलियों से छलनी कर उड़ा दिया.

उनमें से कुछ युवक को अधमरा रह गया पानी में डूबने से बचने के लिए प्रयास करने लगा उन्हें युवकों को भी नदी में फेंकने के बावजूद भी गोलियों की बौछार कर सदा के लिए मौत मौत की नींद सुला दी . ऐसे हत्यारों को हत्या की घटना के बदले इससे भी दर्दनाक मौत मिलना है हत्यारों की असली सजा हो सकती है. से कम कुछ नहीं हो सकता. परिजनों का कहना अभी भी ताकत कितनी है इन हत्यारों ऐसे 100 हत्यारे भी आ जाए तो भी विश्व सभी उनके हाथों से जिंदा बच नहीं सकता इसके लिए हथियार उठाना होगा मन करता है
अब हथियार उठा ही लें लेकिन शरीर काम नहीं कर रहा है बड़े दावे के साथ कहते हैं यदि अभी हम जवान रहते तो मां कसम यह सभी हत्यारे अब तक मारे गए होते फिर सोचते हैं हथियार उठा लेने के बाद मेरे और मेरे परिवार की भी यही गति होगी अब हम लोगों को एक ही सहारा कानून है न्यायालय पर पूरा भरोसा है हत्यारों को अधिक से अधिक मौत की सजा मिले तभी दिल को ठंडक पहुंचेगी तीन युवकों के परिजन गया पहुंचकर अपने लाडलों का कर रहे हैं अंतिम श्राद्ध के पश्चात पैतृक गांव पहुंचेंगे.

