नवगछिया : झंडापुर में हुए सामुहिक हत्याकांड के तह में जलकर विवाद होने की चरचा जोरों पर है. स्थानीय लोग भी इस बात को मान रहे हैं कि कनिक वर्षों से मछली का ही कारोबार कर रहा था. लेन देने में गंभीर विवाद के कारण हत्यारों ने आक्रोश में इस तरह की घटना को अंजाम दिया होगा. सामुहिक हत्याकांड के तीसरे दिन माना जा रहा है कि पुलिस ने मामले को पूरी तरह से सुलझा लिया है. अब इस मामले में अनुसंधान के विभिन्न बिंदुओं का मिलान करने के बाद पुलिस मामले का खुलासा कर देगी.
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भागलपुर डीआईजी विकास वैभव और नवगछिया के एसपी पंकज सिंहा के निर्देशन में चल रहे मामले के अनुसंधान में गठित एसआईटी के पुलिस पदाधिकारी और पुलिस के जवानों ने इस कांड के उद्भेदन के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है. झंडापुर से मछली का कारोबार करने वाले पांच लोगों और कुछ पड़ोसियों को हिरसात में लेकर पूछ ताछ भी की जा रही है. पुलिस स्तर से अनुसंधान के लिए एक गुप्त जगह का चुनाव किया है जहां पर हिरासत में लिए गये लोगों से पूछ ताछ की जा रही है और निशानदेही पर लगातार छापेमारी भी की जा रही है. खुद नवगछिया के एसपी पंकज सिंहा अनुसंधान की मानिटरिंग कर रहे हैं. सूत्र बता रहे हैं कि पुलिस के अनुसंधान में घटना की पूरी कहानी आ चुकी है. जल्द ही हत्यारों के नाम सामने आ जायेंगे. सूत्र यह भी बता रहा है कि घटना का कारण जलकर का विवाद है.

जलकर में शिकारमही को लेकर हुए विवाद के बाद कनिक राम से एक लाख रुपया मांगा जा रहा था, एक लाख रुपया देने से मना करने के बाद आरोपियों ने गुस्से में सामुहिक हत्याकांड की घटना को अंजाम दिया. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद पसराहा के जलकर को लेकर हुई थी या फिर कनिक ने किसी और जगह पर भी जलकर लिया था. कुछ लोगों द्वारा लाख रुपये मांगे जाने की पुष्टि कनिक के पुत्र अखिलेश ने भी की है. इधर पुलिस ने कांड के मद्देनजर गुप्त सूचनाओं को इकट्ठा करने के लिए घटना स्थल के आस पास और गांव के विभिन्न टोलों और मुहल्लों ने सादे लिबाश में पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की है. जिले के तेज तर्रार माने जाने वाले पुलिस कर्मियों को भी इस कांड के उद्भेदन में लगाया गया है.

अखिलेश ने कहा मां ने उसे बताया, कोई पिताजी से एक लाख रुपये मांग रहा
था, इसी कारण हुआ था झगड़ा
घटना के बाद से ही गुमशुम और डरे सहमे अखिलेश ने मंगलवार को बताया कि घटना से एक दिन पहले जब वह घर आया तो उसकी मां ने उसे बताया कि कुछ लोग उसके पिता से एक लाख रुपया मांग रहे थे, रकम देने से मना करने पर उन लोगों के साथ उसके पिता का विवाद भी हुआ था. अखिलेश कहना है कि जब उसने अपनी मां से पूछा कि ये कौन लोग थे तो मां ने बताने से इनकार कर दिया. अखिलेश कहता है कि वह दस वर्ष की आयु से ही जलकर पर रहता है. कभी कभी वह सात दिनों तक भी घर नहीं आता है. ऐसे में घर की गतिविधि से वह अनभिज्ञ रहता है. इसलिए उसे बस इतना ही पता चला जितना उसकी मां ने उसे बताया. अखिलेश का कहना है कि रोज की तरह घटना के दिन भी वह जलकर पर ही था.

देर शाम जलकर पर ही रहने वाले उसके एक सहयोगी झंडापुर के ही जिब्रेल ने कहा कि खाना तो यहां बन गया है अगर तुम घर से रोटी ले आओ तो दोनों मिल कर मछली रोटी खा लेंगे. जिब्रेल के कहने पर वह देर शाम रोटी लेने घर आ रहा था कि जिब्रेल साईकिल से उसे खोजते हुए आ गया और बोला कि चलो आज चावल ही खा लेंगे. अखिलेश का कहना है कि इसके बाद वह जिब्रेल के साथ साईकिल पर बैठ कर वापस जल कर चला गया. रात में दोनों ने खाना खा कर जलकर ही सो गये. सुबह उसे घटना के बारे में जानकारी मिली तो वह घर गया था. अखिलेश का कहना है कि उसके पिता ने पार्टनरशिप में जलकर लिया था. इस पार्टनरशिप में गांव के ही झंडापुर जागिरटोला निवासी मोहन सहनी, सुभुक सहनी, प्रकाश, टिफिन व एक अन्य भी थे. अखिलेश ने कहा कि अगर उसे जानकारी रहती तो वह घटना के दिन ही पुलिस को सब कुछ बता देता.
अखिलेश ने कहा कि उसका मोबाइल करीब बीस दिन पहले जलकर में गिर गया था. काफी खोजबीन के बाद भी उसे मोबाइल नहीं मिली. इसके बाद वह बीस दिनों से मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा है. इधर कनिक राम का बड़ा पुत्र संतोष 18 नवंबर को ही सिलीगुड़ी चला गया था. वह घटना के बाद ही वापस घर आया. जानकारी मिली है कि दीपावली में संतोष घर गया था इसके बाद वह 18 नवंबर को ही पुन: सिलीगुड़ी गया था. मालूम हो कि घटना का सूचक पंकज ही है. पंकज ने कहा कि जो अखिलेश ने कहा उसे बस उतना ही घटना के बारे में पता है. इससे ज्यादा वह कुछ नहीं जानता है.
कहते हैं एसडीपीओ
नवगछिया के एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने कहा कि इस कांड में अभी कुछ कहना जल्दीबाजी होगी. लेकिन पुलिस अनुसंधान कर रही है. जल्द ही मामले का उद्भेदन और आरोपियों की गिरफ्तारी की जायेगी.

