घर से भागकर शादी करने वाला जोड़ा डीआइजी के पास पहुंचा और उनके सामने नवविवाहिता ने अपने ही घरवालों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सर, मेरा पति बुलेट यादव बालिग है और हमदोनों ने एक दूसरे की मर्जी से शादी की है, मेरे परिजनों ने मेरे पति पर अपहरण का केस किया है जो झूठा है।
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घटना भागलपुर की है, जहां एक गांव की रहने वाली चांदनी शादी के जोड़े में ही मंगलवार को डीआईजी विकास वैभव से मिलने पहुंच गई। लड़की के साथ उसका पति (पहले प्रेमी) बुलेट यादव भी था।

चांदनी ने कहा-पति को जेल भेजवाना चाह रहे मेरे मम्मी-पापा
चांदनी ने बर्थ सर्टिफिकेट से संबंधित डाक्युमेंट्स भी डीआईजी को दिखाया और कहा कि पुलिस उसके पति को जेल भेजना चाह रही है। माता-पिता लगातार पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। उसने एक आवेदन डीआईजी को सौंपा और पति और अन्य ससुरालवालों को केस से मुक्त करने की मांग की।
डीआईजी ने थानेदार को कहा-चांदनी के पति को जेल ना भेजें
डीआईजी ने कहा कि उसे कोर्ट में जाकर बयान देना होगा। इसके लिए डीआईजी ने तुरंत शिवनारायणपुर थाने की पुलिस को बुला लिया और लड़की को सौंप दिया। डीआईजी ने शिवनारायणपुर थानेदार को निर्देश दिया कि उसके पति को जेल नहीं भेजें। क्योंकि सर्टिफिकेट से लड़की बालिग है।
चांदनी ने बताया कि दो साल से वह बुलेट से उसका अफेयर चल रहा है। छठ के दिन वह घर से भाग कर बटेश्वरनाथ मंदिर में जाकर शादी कर ली। लड़की ने कहा कि बुलेट से उसने इंटरकास्ट मैरिज की है। इस कारण फैमिली इस शादी के खिलाफ हैं

