★ जमुनिया की बेटी ने बढ़ाया जिले का मान

★ प्रतिभा को निखारने की जरूरत, आसमान छूने को बेताब है पल्लवी

◆ कोलकाता में नकद पुरस्कार और मेडल से सम्मानित की गई पल्लवी

◆ जिला स्तर की प्रतियोगिता से देश स्तर के प्रतियोगिता पल्लवी ने लिया भाग प्रतिभा से पूरे देश को मनवाया लोहा

 ऋषव मिश्रा कृष्णा, नवगछिया : कोलकाता में नौ से 13 जनवरी तक आयोजित पूर्वी भारत विज्ञान मेला में नवगछिया प्रखंड के जमुनिया गांव की पल्लवी ने स्टेट बेस्ट मॉडल प्राइज हासिल कर अपने जिले का नाम रोशन किया है. गांव के नियोजित शिक्षक अवध किशोर और गृहिणी नीतू देवी की सबसे बड़ी पुत्री तुलसीपुर हाई स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा पल्लवी ने यह मुकाम कड़ी मेहनत, लगन और अपने प्रतिभा के बल पर हासिल किया है. सर्वप्रथम पल्लवी ने जिला स्तर और राज्य स्तर की प्रतियोगिता में अपना लोहा मनवाया और इसके बाद राज्य स्तर की प्रतियोगिता में उस का चयन किया गया. पल्लवी की साइंस टीचर अल्पना कुमारी बताती है कि पल्लवी ने इसके लिए काफी मेहनत की जिसने उसके घर वालों ने भी उसे साथ दिया.

मालूम हो कि कोलकाता में 9 जनवरी से 13 जनवरी तक संपन्न हुए पूर्वी भारत विज्ञान मेला में पल्लवी का प्रोजेक्ट प्लास्टिक कचरों के प्रबंधन का था. साइंस टीचर अल्पना कहती है कि पल्लवी ने प्लास्टिक कचरा के प्रबंधन में सड़क निर्माण सामग्री का ऐसा विकल्प सैद्धांतिक और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत किया कि पल्लवी के प्रोजेक्ट को देख कर देश के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिकों ने भी दांतों तले उंगली दबा ली. पल्लवी ने प्लास्टिक कचरा को सड़क निर्माण में प्रयोग करने की बात कही और इसे व्यवहारिक रुप से भी सिद्ध कर दिया. कोलकाता की प्रतियोगिता में जाने से पूर्व ही पल्लवी ने स्कूल में ही एक छोटी सी सड़क का नमूना प्रस्तुत किया था जिसमें प्लास्टिक कचरा का उपयोग किया गया था.

पल्लवी के प्रोजेक्ट पर एक नजर

◆ प्लास्टिक कचरा पृथ्वी पर मानव सभ्यता के लिए है खतरनाक, प्लास्टिक को किसी भी सूरत में नष्ट नहीं किया जा सकता

◆ आज के समय में प्लास्टिक कचरे का निपटान एक चुनौती बन चुका है, सिर्फ मानव ही नहीं पारिस्थितिकी तंत्र पर हमला बोल रहा है प्लास्टिक कचरा

◆ पल्लवी ने प्लास्टिक कचरे के निपटान के लिए खोजा नयाब तरीका, प्लास्टिक कचरा को सड़क निर्माण में किया जा सकता है उपयोग

◆ पल्लवी ने सर्वप्रथम अपने स्कूल में बनाई एक छोटी सी सड़क जिसमें प्लास्टिक कचरा का उपयोग किया गया

◆ पल्लवी का कहना है कि अगर अलकतरा की जगह प्लास्टिक के कचरों का इस्तेमाल हो तो सड़क कम से कम 10 से 15 वर्षों तक चलने की गारंटी है

◆ आमतौर पर आजकल बनने वाले सड़क की तुलना में यह सड़क कम खर्चीला होगा जबकि टिकाऊ को मां के मामले में प्लास्टिक कचरा से बनी सड़क दोगुने से भी ज्यादा होगी.

◆ पल्लवी कैसी प्रोजेक्ट ने कोलकाता के वैज्ञानिकों को कर दिया अचंभित.

पल्लवी का कहना है कि प्लास्टिक के कचरे को किसी भी सूरत में नष्ट नहीं किया जा सकता है. यह कचरा पृथ्वी के लिए काफी खतरनाक है और भविष्य में अगर इस कचरे का बेहतर प्रबंधन ना किया गया तो यह पृथ्वी पर जीवन को भी समाप्त कर सकता है. ऐसी स्थिति में अगर प्लास्टिक कचरे का उपयोग सड़क निर्माण के लिए किया जाए तो एक तरफ प्लास्टिक कचरों का बेहतर निपटान हो जाएगा तो दूसरी तरफ अपेक्षाकृत कम लागत वाले सड़कों का निर्माण किया जा सकता है जोकि टिकाऊ के मामले में आजकल बन रहे सड़कों से कहीं ज्यादा बेहतर होगी. विद्यालय के शिक्षिका अल्पना कुमारी ने बताया कि पल्लवी के प्रोजेक्ट से प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल काफी प्रभावित हुए और निर्णायक मंडल के सदस्यों द्वारा कहा गया है कि पल्लवी के प्रोजेक्ट से सरकार को अवगत कराया जाएगा और प्लास्टिक कचरे के निपटान और सड़क निर्माण में इसके प्रयोग करने की सलाह दी दी जाएगी.

मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी के बड़े सपने हैं. वह बड़ी होकर वैज्ञानिक बनना चाहती है. पल्लवी ने तुलसीपुर स्कूल के पठन पाठन की तारीफ करते हुए कहा कि स्कूल में पढ़ाई का माहौल है तो दूसरी तरफ पल्लवी को इस बात की बेटी है कि इस स्कूल के भवन जर्जर हैं और प्रयोगशाला की स्थिति भी बेहतर नहीं है जिसके कारण वह कई तरह की बातों को अपने व्यवहार में नहीं ला पाती है. तुलसीपुर के समाजसेवी व छात्र नेता सज्जन भारद्वाज ने कहा है कि पल्लवी ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है इसके लिए तुलसीपुर और जमुनिया गांव में सम्मिलित रूप से एक समारोह का आयोजन कर पल्लवी को सम्मानित किया जाएगा.

 

 

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By Rishav Mishra Krishna

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