बजट से ठीक पहले हुई जीएसटी परिषद की बैठक में आम आदमी को राहत मिली है. जीएसटी परिषद ने बैठक में 29 चीजों पर जीएसटी को घटाकर 0 फीसदी कर दिया है. जिन उत्पादों पर जीएसटी कम किया गया है, उनमें ज्यादा हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद शामिल हैं. इसके साथ ही परिषद ने 39 चीजों पर जीएसटी कम करके 5 फीसदी व 12 फीसदी कर दिया है.
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हालांकि फिलहाल जीएसटी रिटर्न भरने के लिए फॉर्म का सरलीकरण करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. इसके बारे में 10 दिन बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से फिर से बैठक होगी.
दरअसल कारोबारी लंबे समय से यह मांग कर रहे थे कि जीएसटीआर रिटर्न भरना आसान किया जाए. इसके लिए ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि सरकार जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 जैसे कई फॉर्म भरने से निजात दिला सकती है. कई फॉर्म्स की जगह एक ही फॉर्म लाने का फैसला भी इस मीटिंग में ले सकती है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं.

हालांकि फिलहाल जीएसटी रिटर्न भरने के लिए फॉर्म का सरलीकरण करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है. इसके बारे में 10 दिन बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से फिर से बैठक होगी. इसके अलावा रियल इस्टेट को जीएसटी के तहत लाने पर भी कोई फैसला इस बैठक में नहीं हो सका. हालांकि इस पर चर्चा जरूर हुई है.
ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि इस बैठक में जीएसटी परिषद रियल इस्टेट को जीएसटी के दायरे में ला सकती है. इसकी वजह यह थी कि समय-समय पर वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत सरकार के कई नेता रियल इस्टेट को जीएसटी के तहत लाने की बात कई बार कह चुके हैं.
इस बैठक में रियल इस्टेट को जीएटी के दायरे में लाने पर कोई फैसला नहीं हुआ. रियल इस्टेट के जीएसटी के दायरे में आने से आम लोगों को स्टांप ड्यूटी समेत कई चीजों पर होने वाले खर्च से निजता मिल सकता है.

पेट्रोल-डीजल को लेकर भी नहीं हुआ फैसला
रियट इस्टेट के अलावा यह भी उम्मीद जताई जा रही थी कि इस मीटिंग में पेट्रोल और डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है. हालांकि इस पर भी फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है.
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पेट्रोल की कीमत फिर 80 रुपये के करीब पहुंच गई है. वहीं, कई राज्यों में डीजल 65 का आंकड़ा पार कर चुका है.
