सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसइ) की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र कहां से और कैसे लीक हुआ, इसका खुलासा हो गया है. झारखंड के चतरा जिले के एसपी एबी वारियर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि प्रश्नपत्र पटना से व्हाट्सऐप पर चतरा आया था. इस सिलसिले में बिहार और झारखंड से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें चतरा के कोचिंग सेंटर का संचालक और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का नेता भी शामिल है.


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एसपी ने बताया कि 9 नाबालिग छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें हजारीबाग स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि एसआइटी की टीम ने पटना के कृष्णा नगर से गया के शेरघाटी निवासी अमित कुमार व छपरा के आकाश कुमार को गिरफ्तार किया. दोनों के तार दिल्ली से जुड़े हैं. दोनों दिल्ली के शिक्षा माफियाओं की मदद से सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा देने वाले बच्चों से पैसे लेकर अधिक नंबर दिलाने का काम करते थे. एसपी ने कहा कि पेपर लीक करने वाले मुख्य स्रोत की तलाश अभी जारी है.

चतरा स्थित कोचिंग संस्थान ‘स्टडी विजन’ के संचालक एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जिला संयोजक सतीश पांडेय समेत तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. एसपी ने बताया कि कोचिंग सेंटर के संचालक ने ही पैसे लेकर बच्चों को प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाया था. कोचिंग सेंटर के संचालक ने 28 मार्च की परीक्षा के प्रश्नपत्र वहाट्सऐप के जरिये 27 मार्च को ही बच्चों तक पहुंचा दिये थे. संचालक ने परीक्षा में नकल कराने की व्यवस्था करवाने का भी आश्वासन दिया था.

एसपी ने बताया कि परीक्षा के दिन एक छात्र ने व्हाट्सऐप के जरिये स्टडी विजन कोचिंग के संचालक को गणित का प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाया. कुछ देर बाद संचालक की ओर से उत्तर तैयार कर स्कूल के शौचालय के पास छात्रों को उपलब्ध करवा दिया गया. इसके परीक्षा हॉल में चीटिंग शुरू हो गयी. इसी दौरान 4 छात्रों को कदाचार करते पकड़ लिया गया. जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य देवेश नारायण ने पकड़े गये 4 छात्रों के खिलाफ चतरा सदर थाना में नामजद प्राथमिकी (कांड संख्या 87/18) दर्ज करवायी.

त्वरित कार्रवाई करते हुए चतरा पुलिस ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन कर मामले की जांच शुरू कर दी. जांच की जिम्मेवारी पुलिस निरीक्षक स्तर के पदाधिकारी को सौंपी गयी. छात्रों से पूछताछ के दौरान दो और लोगों की संलिप्तता का पता चला. इसके बाद स्टडी वीजन के संचालकों पंकज सिंह एवं सतीश पांडे को गिरफ्तार किया गया. इन्होंने अपने जुर्म कुबूल कर लिये और अपने एक अन्य साथी गणित के शिक्षक हमेश के बारे में बताया.

जांच आगे बढ़ी, तो मालूम हुआ कि 28 मार्च को होने वाली सीबीएसइ की 10वीं की परीक्षा के गणित का प्रश्न पत्र 27 मार्च की रात को ही पटना के दो छात्रों ने व्हाट्सऐप के जरिये चतरा के एक छात्र को भेज दिया था. परीक्षा हॉल में नकल करते यह छात्र भी पकड़ा गया था. पुलिस अब इस जांच में जुट गयी है कि प्रश्न पत्र को सबसे पहले कहां से लीक किया गया.

By न्यूज़ डेस्क

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