ख़रीक : गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढोत्तरी होने से ख़रीक प्रखंड के गंगा और कोसी तटीय पंचायतों के लोगों को भीषण कटाव की त्रासदी से जूझना पर रहा है.
मैरचा में नही रुक रहा है कटाव
ख़रीक प्रखंड के कोसी पर मैरचा के लोगों को कटाव संभावित बाढ़ की संकट की त्रासदी से जूझना पर रहा है.मैरचा में हो रहा कटाव रुक नही रहा है.कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि कभी भी लोगों का आशियाना उजड़कर कोसी में समा जाएगा.मैरचा के किसानों की उपजाऊ जमीन कटकर कोसी में समा गया.किसान भूमिहीन और बेघर हो गए.लोगों के बाग बगीचे कोसी कटाव से ध्वस्त होकर नदी में समा गया.कोसी कटाव की विभीषिका के सामने मैरचा के लोग बेवश और लाचार है.

क्या कहते हैं ग्रामीण
मैरचा के ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पदाधिकारियों को मैरचा के कटाव के बारे में सूचना दी गयी.मैरचा के लोगों ने सामूहिक बैठक कर निर्णय लिया है कि अगर प्रसासन मैरचा में हो रहे कटाव को रोकने में विफल रहा तो तो जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के विरोध में हमलोग चरणबद्ध आंदोलनकरने को बाध्य होंगे. कटाव मसले को लेकर मैरचा के लोगों ने 2019 ई.के संसदीय चुनाव में वोट बहिस्कार का निर्णय लिया है.
कहां कहां हो रहा है कटाव
कोसी तटीय पंचायत मैरचा समेत सिहकुण्ड,लोकमानपुर,चोरहर, ढोढिया गंगा तटीय पंचायत राघोपुर ब्रम्ह बाबा स्थान से पूर्व समेत अन्य जगहों पर भीषण कटाव शुरू है. कटाव से निजात दिलाने का मुकम्मल इंतजाम नही हो पा रहा है.
क्या कहते है अंचलाधिकारी
ख़रीक अंचल के अंचलाधिकारी विनय कुमार पांडा ने बताया कि कटाव प्रभावित गांवों का मुआयना कर कटाव से बचाव के लिए मुकम्मल इंतजाम किया जाएगा


