नवगछिया : जिस रफ्तार से कोसी के जल स्तर में वृद्धि हो रही है ठीक उसी रफ्तार से कोशी अपने स्तरों को तीव्रता से काट रही है. वैसे तो नवगछिया के कोसी तटीय करीब 7 इलाके ऐसे हैं जो अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं लेकिन नगर पंचायत के रामनगर बिंद टोली में कोसी कोहराम मचा रही है. यहां पर कोसी रामनगर और बिंद टोली गांव को पूरी तरह से अपने आगोश में समा लेने को बेताब दिख रही है. नवगछिया प्रखंड का इलाका है.
रोजाना कोसी नदी करीब डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में 5 से 7 फीट तक कटाव कर रही है. ग्रामीण कहते हैं कि अगर कटाव को नियंत्रित नहीं किया गया तो इस वर्ष ही वह लोग बेघर हो जाएंगे. ग्रामीण बताते हैं कि जल संसाधन विभाग द्वारा अब तक किसी प्रकार का बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है. बचाव के नाम पर सिर्फ बालू भरी बोरियों को तटों पर रखा गया है. ग्रामीणों ने इस बाबत सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी को त्राहिमाम संदेश भेजा है.
नवगछिया में कोसी नदी के इस प्रलयकारी रूप से रामनगर, बिंदटोली सौकचा, नगरह, साधोपुर, जहांगीरपुर वैसी आदि गांव में भी अपने विनाशक रूप में है. बेघर हो जाने के डर से गांव के लोग रात में सो नहीं पा रहे हैं. कई स्थानीय लोगों ने बताया कि रामनगर और बिंद टोली गांव में 95% लोग दिहाड़ी मजदूर हैं. यह लोग बेघर होकर कहां जाएंगे इसका कोई ठिकाना नहीं है.

नगरह पंचायत के मुखिया भरतलाल पासवान ने बताया कि नगरह पंचायत में रामनगर बिंद टोली, नगरह, पूनमाप्रताप नगर के सकुचा के पास कोसी नदी द्वारा कटाव हो रहा है. मगर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. अभी करीब 400 मीटर मे लगभग कट चुका है. अगर जल्द कटाव निरोधक कार्य शुरू नहीं किया गया तो नगरह और बिंद टोली कोसी में समा जाएंगे.
कहते हैं सहायक अभियंता
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र साह ने बताया कि टी के बांध से चार सौ मीटर दूर नदी बह रही है. नदी के जलस्तर में कमी आई है आंशिक रूप से कटाव हो रहा है जिस पर निगरानी रखी जा रही है. वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर कटाव निरोधी कार्य शुरू किया जाएगा.


