File Photo

इंजीनियरिंग काॅलेज में रविवार को सब कुछ सामान्य रहा। छात्रों से हॉस्टल खाली कराने एवं पुलिस की तैनाती के कारण शांति रही। लेकिन कॉलेज के कुछ शिक्षक माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं। रविवार को ठेके पर बहाल शिक्षक अभिषेक कुमार ने व्हाट्सएप मैसेज से यह अफवाह फैला दी कि आत्महत्या का प्रयास करने वाले छात्र क्षितिज कुमार शुक्ला की मौत हो गयी, लेकिन सच्चाई यह है कि उसका पटना के आईजीआईएमएस में इलाज चल रहा है।

Whatsapp group Join

कॉलेज के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षक अभिषेक कुमार ने रविवार सुबह से ही मैसेज को सोशल मीडिया के जरिए वायरल करना शुरू कर दिया। उसने लिखा कि कैंपस के छात्र की मृत्यु और पॉलिटिक्स की वजह से बहुत दुखी हूं। टूट चुका हूं। ये शिक्षक एमएचआरडी के एनपीईयू के तहत कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर कॉलेज में बहाल हुए हैं। इस शिक्षक के साथ कुछ और शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। इस मैसेज के बाद बाहर रह रहे कॉलेज के कुछ छात्र आक्रोशित हो गए। मगर उसके दोस्तों ने जब ये पुष्टि की कि छात्र की मौत नहीं हुई है तो उनका गुस्सा कम हुआ।

नौकरी को स्थाई करने में लेना चाहते हैं माइलेज

कॉन्ट्रैक्ट पर बहाल शिक्षक अफवाह फैलाकर छात्रों को अपने पक्ष में कोशिश कर रहे हैं। उनका मकसद है कि कॉलेज का माहौल खराब कर छात्रों को अपने पक्ष में कर लें। कॉलेज प्रशासन अौर स्थाई शिक्षकों को लेकर छात्रों का क्रोध बढ़ जाए और उनका सिक्का चलने लगे। इससे नौकरी को स्थाई करने में इन्हें इसका माइलेज मिले।

इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों के तीन दिन के बवाल के बाद रविवार को शांति रही। यहां तीन पालियाें में मजिस्ट्रेट व पुलिस की तैनाती की गई है।

प्रिंसिपल ने शिक्षक से कहा, न फैलाएं किसी तरह की अफवाह

ठेके पर बहाल शिक्षक अभिषेक कुमार ने अफवाह फैलाने के लिए यही मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किया है।

शिक्षक अभिषेक कुमार ने इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. निर्मल कुमार को भी मैसेज भेजकर कहा कि उस छात्र की मृत्यु की वजह से मैं टूट चुका हूं। प्रिंसिपल ने बताया कि उन्होंने शिक्षक को कहा कि पूरी जानकारी नहीं है तो अफवाह मत फैलाओ। इस पर शिक्षक ने कहा कि मुझे आपसे डर लगने लगा है। प्राचार्य ने उसे कहा कि मैं इस घटना से आहत हूं, मेरा विवेक काम नहीं कर रहा है। तुम्हारा अफवाह फैलाना गलत है। भास्कर ने जब अभिषेक कुमार से इस बारे में बात कि तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं अभी ड्राइव कर रहा हूं। कैंपस की घटना के बाद अन्य शिक्षक भी दुखी हैं।

बवाल से ट्रिपल आईटी के छात्र भी सकते में, दिनभर हॉस्टल में रहे बंद

इंजीनियरिंग कॉलेज में तीन दिन से मचे बवाल के बाद कैंपस स्थित ट्रिपल आईटी प्रशासन भी सकते में है। स्टूडेंट्स भी घबराए हुए हैं। उनकी सुरक्षा को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने सोमवार को कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है। रविवार को संस्थान के करीब 200 छात्र-छात्राएं हॉस्टल में ही बैठे रहे। कॉलेज प्रशासन ने उसे बाहर नहीं निकलने दिया। पुलिस जवान उस हॉस्टल के बाहर पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारियों और शिक्षकों ने पत्र दिखाते हुए बताया कि ये संस्थान भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से अलग है। ट्रिपल आईटी के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. संजय मंडल ने कहा छात्रों की सुरक्षा हमारी पहली प्रायोरिटी है। कैंपस का माहौल तनावपूर्ण देखते हुए हमने कॉलेज को सोमवार को बंद रखने का निर्णय लिया है। छात्र छात्राओं को सभी हॉस्टल में खाना, पानी, स्नैक्स, दवा समेत सभी जरूरी सामान मुहैया कराए जा रहे हैं। इधर कैंपस के बाहर लॉज में चल रहे ट्रिपल आइटी के सेकेंड ईयर के हॉस्टल में भी दिनभर छात्रों को बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी गई। जो छात्र मेस जाकर खाते हैं उनके लिए भी कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल में खाने की व्यवस्था की। ट्रिपल आईटी शनिवार और रविवार को बंद रहता है।

आज नहीं होगी संस्थान में पढ़ाई, छात्रों को छात्रावास में पहुंचाया जा रहा खाना

आईजीआईएमएस में चल रहा है छात्र का इलाज, हालत नाजुक

भागलपुर | इंजीनियरिंग कॉलेज के फाइनल इयर के छात्र क्षितिज कुमार शुक्ला की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पटना के आईजीआईएमएस में उसका इलाज चल रहा है। रविवार को न्यूरो से जुड़े डॉक्टरों ने उसकी जांच की। अस्पताल में क्षितिज के परिजन भी चंपारण से पहुंच चुके हैं। पुलिस भी क्षितिज की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। बता दें कि प्राचार्य द्वारा छात्रों पर केस दर्ज कराने के बाद क्षितिज समेत तीन छात्रों ने आत्महत्या की कोशिश की थी। दो छात्रों ने कथित तौर पर कलाई की नस काट ली थी, जबकि क्षितिज ने हॉस्टल में फांसी लगा कर आत्महत्या की कोशिश की थी। वह फंदे से झूल गया था। सहपाठियों ने उसे फंदे से नीचे उतारा और मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया था।

हॉस्टल में अवैध कब्जा करने वाले छात्र रमेश ने वापस की रूम की चाबी

भागलपुर | भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में हुए हंगामे के पीछे के सूत्रधार छात्र रमेश कुमार ने रविवार को हॉस्टल में किए अवैध कब्जे को छोड़ दिया। उसने रूम की चाबी दरबान को सौंप दी। अगर उसने पहले ही चाबी सौंप दी होती तो शायद ये सारी घटनाएं नहीं होतीं। रमेश कुमार ने हॉस्टल-4 के वार्डन के रूम में 21 अगस्त को कब्जा जमा लिया था। इसके बाद प्राचार्य ने 23 तारीख को पुलिस को एफआईआर कराने का आवेदन सौंपा था। शाम को पुलिस हॉस्टल खाली कराने पहुंची। उसी रात छात्रों ने प्राचार्य के आवास में तोड़फोड़ की, जिसमें प्राचार्य ने क्षितिज कुमार समेत अन्य छात्रों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर वापस लेने की मांग के साथ ही छात्रों ने अगले दिन 24 अगस्त को प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया था।

By Rishav Mishra Krishna

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *