जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह राज्य सभा सांसद आरसीपी सिंह ने मंगलवार को शहर के नगर भवन में आयोजित दलित-महादलित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में नए 24 मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में बिहार को उच्च शिखर पर पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज के अलावा एक-एक इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, पारा मेडिकल एवं आईटीआई कॉलेज भी खोले जा रहे हैं।
जबकि यूपीएससी व बीपीएससी परीक्षा पास करने वाले को क्रमश: एक लाख व 50 हजार दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहली कक्षा से उच्च और तकनीकी शिक्षा हासिल करने के लिए योजना चला रही है। इसके लिए आगे की पढ़ाई के लिए चार लाख का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी गई है। नौकरियों में आरक्षण दिए जाने के साथ ही बेरोजगार युवकों को उद्यमी बनाने के लिए भी सहायता दी जा रही है। उद्योग लगाने के लिए युवाओं को दस लाख की सहायता के साथ ही प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं।

पदोन्नती पर भी बरकरार रहेगा आरक्षण
राज्य सभा सांसद ने कहा कि समाज के उत्थान में आरक्षण की अहम भूमिका है। लोकतंत्र में संविधान सर्वोच्च है। किसी भी कीमत पर आरक्षण की सुविधा बरकरार रहेगी। यहां लागू संसदीय व्यवस्था में आरक्षण के साथ ही नौकरी की पदोन्नती पर भी आरक्षण लागू रहेगा। जिसकी आवाज सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने बुलंद की है। उन्होंने कहा कि दलितों व महादलितों को मानसिक रूप से मजबूत होना होगा। तभी उनका उत्थान संभव हो सकेगा।

उनकी सुरक्षा के लिए लागू की गई आरक्षण की सुविधा का लाभ उन्हें मिलता रहेगा। इसके लिए उनका शिक्षित होना भी जरूरी है। दलितों व महादलितों के लिए सरकार कई तरह की योजना चला रही है। सम्मेलन को पार्टी के विधायक गिरिधारी यादव, डॉ जावेद इकबाल, मनीष कुमार, जर्नादन मांझी, एमएलसी मनोज यादव, पार्टी के नेता विद्यानंद विकल आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मंडल ने की। जबकि सम्मेलन का संचालन महादलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अजय भारती और दलित प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र पासवान ने किया।


