भागलपुर : उन्मादी भीड़ कानून अपने हाथ में लेने लगी है। सड़क हादसे के बाद ऑटो चालक को पीटना डीआइजी कार्यालय के वायरलेस शाखा में तैनात एएसआइ रमाशंकर चौबे को महंगा पड़ गया। लोगों ने लुटेरा समझ उसकी पिटाई कर दी। एएसआइ ने जब अपना परिचय दिया तब जाकर उसकी जान छूटी। दरअसल, एएसआइ रमाशंकर चौबे अपनी बाइक से कार्यालय की तरफ जा रहे थे।
जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के समीप तेज गति से आ रहे ऑटो ने उसकी बाइक में ठोकर मार दी। इससे उसका पैर चोटिल हो गया। गुस्से में आकर एएसआइ ने ऑटो चालक सुल्तानगंज के मिर्जापुर वार्ड नंबर-7 निवासी विनय कुमार को पीट दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एएसआइ के पास एक छोटा चाकू था। मारपीट के दौरान एएसआइ ने वह चाकू निकाल लिया। यह देख वहां मौजूद कुछ लोगों को लगा कि ऑटो चालक से अपराधी लूटपाट का प्रयास कर रहा है। ऐसे में लोगों ने उसे पकड़ लिया।


परिचय के बाद लोगों ने छोड़ा
कुछ देर हंगामा होने के बाद जब एएसआइ ने अपना परिचय डीआइजी कार्यालय के स्टॉफ के रूप में दिया तब लोगों ने उसे छोड़ा। इसके बाद उसे तिलकामांझी पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में किसी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई। वहीं, ऑटो ड्राइवर का आरोप है कि भीड़ का फायदा उठाकर किसी ने उसके पॉकेट से एक हजार रुपये निकाल लिया।


