भागलपुर : विक्रमशिला सेतु का मरम्मत कार्य सोमवार तक खत्म हो जाएगा। ऐसी स्थिति में 17 अक्टूबर की देर रात बाद वाहनों का परिचालन शुरू की पूरी संभावना है। इधर, गुरुवार को नंबर पाया के स्पेंडेड स्पैन को जैक से चार इंच चार उठाकर बॉल बियरिंग बदली गई।

सुबह आठ बजे बॉल बियरिंग को निकालने का काम शुरू किया गया। इसी बीच तेज हवा के साथ बारिश शुरू होने के कारण काम लगे मजदूरों और अभियंता काफी दिक्कतें महसूस करने लगी। पाया पर काम करने के दौरान हवा के दबाव के कारण संतुलन बिगड़ रहा था। इसलिए काम छोड़कर मजदूर और अभियंता को ऊपर आना पड़ा। हवा का दबाव और बारिश कम होने के बाद दोपहर बारह बजे के बाद फिर बियरिंग बदलने का काम शुरू हुआ। हालांकि सुरक्षा बेल्ट लगाकर काम किया जा रहा था। इस दौरान दो घंटे काम प्रभावित रहा।

पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण बीच गंगा में पाया का बॉल बियरिंग बदलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो, तीन और चार नंबर पाये की बॉल बियङ्क्षरग बदलने का काम पूरा हो चुका है। सोमवार तक कार्बन फाइबर लगाने का काम पूरा होते ही सेतु की मरम्मत कार्य खत्म हो जाएगा। 17 अक्टूबर की रात 12 बजे के बाद वाहनों के परिचालन की पूरी तरह उम्मीद है।

तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण मरीजों और आम लोगों के साथ वाहनों के परिचालन रोकने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेतु पर प्रतिनियुक्त जवानों और दंडाधिकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्ट्रेचर या व्हील चेयर पर एक ओर से दूसरी ओर ले जाने के दौरान मरीजों को भी भींगने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं, उचित व्यवस्था के अभाव में जवानों और दंडाधिकारी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जवानों ने बताया कि जैसे-तैसे तंबू लगाकर बैठने की व्यवस्था कर दी गई। हवा और बारिश में तंबू उड़ गया। इसके कारण भींगकर ड्यूटी करना पड़ रहा है।

भागलपुर : विक्रमशिला सेतु का मरम्मत कार्य सोमवार तक खत्म हो जाएगा। ऐसी स्थिति में 17 अक्टूबर की देर रात बाद वाहनों का परिचालन शुरू की पूरी संभावना है। इधर, गुरुवार को नंबर पाया के स्पेंडेड स्पैन को जैक से चार इंच चार उठाकर बॉल बियरिंग बदली गई।

सुबह आठ बजे बॉल बियरिंग को निकालने का काम शुरू किया गया। इसी बीच तेज हवा के साथ बारिश शुरू होने के कारण काम लगे मजदूरों और अभियंता काफी दिक्कतें महसूस करने लगी। पाया पर काम करने के दौरान हवा के दबाव के कारण संतुलन बिगड़ रहा था। इसलिए काम छोड़कर मजदूर और अभियंता को ऊपर आना पड़ा। हवा का दबाव और बारिश कम होने के बाद दोपहर बारह बजे के बाद फिर बियरिंग बदलने का काम शुरू हुआ। हालांकि सुरक्षा बेल्ट लगाकर काम किया जा रहा था। इस दौरान दो घंटे काम प्रभावित रहा।

पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण बीच गंगा में पाया का बॉल बियरिंग बदलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो, तीन और चार नंबर पाये की बॉल बियङ्क्षरग बदलने का काम पूरा हो चुका है। सोमवार तक कार्बन फाइबर लगाने का काम पूरा होते ही सेतु की मरम्मत कार्य खत्म हो जाएगा। 17 अक्टूबर की रात 12 बजे के बाद वाहनों के परिचालन की पूरी तरह उम्मीद है।

तेज हवा के साथ बारिश होने के कारण मरीजों और आम लोगों के साथ वाहनों के परिचालन रोकने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेतु पर प्रतिनियुक्त जवानों और दंडाधिकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्ट्रेचर या व्हील चेयर पर एक ओर से दूसरी ओर ले जाने के दौरान मरीजों को भी भींगने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं, उचित व्यवस्था के अभाव में जवानों और दंडाधिकारी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जवानों ने बताया कि जैसे-तैसे तंबू लगाकर बैठने की व्यवस्था कर दी गई। हवा और बारिश में तंबू उड़ गया। इसके कारण भींगकर ड्यूटी करना पड़ रहा है।

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By Rishav Mishra Krishna

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