गोपालपुर : किसानों से बिना सहमति उनकी खेतों पर ग्रामीण कार्य विभाग नवगछिया द्वारा करोडों रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में इस्माइलपुर प्रखंड के छट्ठू सिंह टोला से लेकर इस्माइलपुर प्रखंड मुख्यालय तक सडक का निर्माण कराया गया था. सडक निर्माण हेतु किसानों से ना तो किसी प्रकार की सहमति ली गई और ना ही किसी तरह का मुआवजा दिया गया. हालाँकि प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना में भूमि अधिग्रहण का प्रावधान नहीं होने की जानकारी विभागीय अधिकारियों द्वारा दी गई.
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– उच्च न्यायालय ने दिया सडक से मिट्टी हटाने का निर्देश
किसान सियाशरण मिस्त्री, जितेन्द्र पांडे व रौशन कुमार आदि ने अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहाँ वाद दायर कर मुआवजे की माँग की. पुनः किसानों ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बिना सहमति के सडक निर्माण किये जाने की जानकारी दी. पटना उच्च न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सियाशरण मिस्त्री बनाम राज्य सरकार एवं अन्य के मामले में आदेश पारित कर कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग नवगछिया को रैयती भूमि पर निर्मित पथांश को यथाशीघ्र हटाने का निर्देश दिया.

कार्यपालक अभियंता ने उक्त आदेश के आलोक में संजय कुमार, भारतीय प्रशासनिक सेवा, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह सचिव बिहार ग्रामीण पथ विकास अभिकरण पटना से मंतव्य माँगा. मंतव्य के आलोक में उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया

