पर्यटकों को भागलपुर में स्टीमर बोट के जरिये गंगा नदी की खूबसूरती और डॉल्फिन को उछलते-कूदते देखने का मजा 20 नवंबर से मिलने लगेगा। वन विभाग द्वारा खरीदे गये 24 सीटर स्टीमर बोट सेवा का आगाज 20 नवंबर को हो जायेगा। इसका उद्घाटन सूबे के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी बरारी घाट पर करेंगे।
लंच के साथ तीन घंटे का किराया 500 रुपये
स्टीमर बोट का संचालन इको टूरिज्म के तहत नौका विहार क्षेत्र (सुल्तानगंज से कहलगांव वाया भागलपुर) में होगा। इसका किराया भी तय कर दिया गया है। भागलपुर से सुल्तानगंज जाने और आने का किराया 500 रुपये प्रति व्यक्ति (संभावित समय तीन घंटा) होगा। यही किराया भागलपुर से कहलगांव तक का भी होगा।
इसी के तहत पर्यटकों को मिनरल वॉटर व लंच भी दिया जायेगा। इसके अलावा भागलपुर से शंकरपुर दियारा स्थित पशु पक्षी व डॉल्फिन का नजारा देखने के लिए स्टीमर से जाने-आने का किराया 75 रुपये प्रति व्यक्ति होगा।

सालभर से बोट खड़ी है नीलकंठ घाट पर
गंगा में 24 सीटर बोट चलाने के लिए वन विभाग द्वारा निकाला गया टेंडर चौथी बार अक्टूबर में फाइनल हुआ था। अभी यह बोट नीलकंठ घाट के किनारे खड़ी है। 3 जून 2016 को वन एवं पर्यावरण विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने अफसरों को डॉल्फिन सेंचुरी को इको टूरिज्म में परिवर्तित करने का प्लान बनाने को कहा था।
इसी के तहत तत्कालीन डीएफओ संजय कुमार सिन्हा ने बेंगलुरु से 24 सीटर स्टीमर बोट खरीदने का प्लान बनाया। इसके लिए इस्टीमेट भी बना, लेकिन कीमत को लेकर खरीद का मामला लटकता चला गया। स्टीमर करीब सालभर पहले भागलपुर लाया गया।
पर्यटकों को बताएंगे भागलपुर का इतिहास
वन प्रमंडलीय पदाधिकारी एस. सुधाकर बताते हैं कि स्टीमर बोट में सवार पर्यटकों के साथ डॉल्फिन व पक्षियों के एक्सपर्ट मौजूद रहेंगे। वे सुल्तानगंज से कहलगांव वाया भागलपुर के बीच गंगा नदी के किनारे के नजारों एवं भागलपुर के इतिहास के बारे में भी बताएंगे। यह भी बताएंगे कि गंगा नदी का स्वच्छ और डॉल्फिन का संरक्षित रहना कितना जरूरी है।


