प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश डिजिटल क्राति की ओर अग्रसर है। अब लोगों को पासपोर्ट बनाने से लेकर राशन कार्ड, आरक्षित रेल टिकट बनाने और अन्य कार्यो के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा। घर बैठे ही ग्रामीणों की ये समस्या का समाधान हो सकेगा। ये बातें रविवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशकर प्रसाद ने दनियावां में सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के उदघाटन के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि देश में 130 करोड़ मोबाइल धारक हैं, जबकि 50 करोड़ स्मार्टफोन धारक एवं 122 करोड़ आधार कार्ड धारक हैं।
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केंद्रीय मंत्री ने डिजिटल इंडिया की चर्चा करते हुए कहा कि आधार कार्ड का लाभ लोगों को मिलने लगा है। इससे फर्जी राशन-केरोसिन, गैस सब्सिडी एवं फर्जी पेंशन लेने वालों की छुट्टी हो गई है। उन्होंने मनरेगा योजना की चर्चा करते हुए कहा कि पहले पंचायत प्रतिनिधि योजना की राशि कागजों पर ही काम दिखाकर गबन कर लेते थे। अब आधार से जोड़ने पर वास्तविक लाभार्थी के खाते में पैसा जा रहा है। इन फर्जीवाड़ा के रुकने से वर्ष में 90 हजार करोड़ की राशि की बचत सरकार को हुई है। उन्होंने बताया कि बिहार में 25 हजार कॉमन सर्विस सेंटर कार्यरत है। देश में 12 लाख लोग कॉमन सर्विस सेंटर में कार्यरत हैं। जिनमें 65 हजार सेंटर महिलाएँ संचालित कर रही है।

उन्होंने कार्यक्रम शुभारंभ के पूर्व प्रधानमंत्री के मन की बात का हो रहे प्रसारण को मंच से ही सुना। उन्होंने प्रधानमंत्री की चर्चा करते हुए कहा कि आजादी के बाद से मई 2014 तक देश में छह करोड़ घरों में शौचालय बने थे। एनडीए के चार साल के शासनकाल में नौ करोड़ घरों में शौचालय का निर्माण हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किया, जबकि डिजिटल साक्षर पाच युवाओं को महिंद्रा फाइनेंस की ओर से पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने लो कॉस्ट सैनिट्री पैड निर्माण एवं वाई-फाई चौपाल का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बिहार में 25000 कॉमन सर्विस सेंटर, जबकि पटना जिला में 17 गांव के डिजिटल होने की बात कही।
इसके पूर्व विधायक रणविजय सिंह ने स्थानीय सांसद द्वारा क्षेत्र की उपेक्षा पर बोलते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने सासद की उपेक्षा का अहसास मतदाताओं को कभी नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि एनडीए के शासनकाल में 24 घंटे बिजली और अच्छी सड़के देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश के शासन काल में बख्तियारपुर दियारा में भी लालटेन की जगह एलईडी बल्ब ने ले ली है।

