खरीक : बीते सप्ताह आई तेज आंधी-बारिश से हुई आम, लीची व केले की फसलों की क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान में हो रहे विलंब से नाराज किसान गुरुवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में अनशन पर बैठ गए। नेतृत्व सज्जन भारद्वाज ने किया। किसानों ने एक स्वर में कहा कि गत 29 व 30 मई को आई आंधी-बारिश से इलाके में आम, लीची व केले की फसलों को भारी क्षति पहुंची है।
इससे हमारी कमर टूट गई है। आपदा के एक सप्ताह बाद भी प्रशासन व कृषि विभाग अब तक क्षतिपूर्ति के लिए आकलन का काम खरीक प्रखंड में शुरू नहीं कराया है। वहीं किसानों के सामने भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लेकिन अफसरों को किसानों के दर्द का अहसास नहीं है। किसानों ने कहा कि जल्द मुआवजा नहीं मिलेगा तो हम प्रखंड से लेकर राज्य स्तर पर चरणबद्ध उग्र आंदोलन करेंगे। किसानों ने बीडीओ के माध्यम से राज्यपाल पीएम,सीएम, केंद्र व राज्य के कृषि मंत्री, प्रधान सचिव, डीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

इधर, किसानों के अनशन की जानकारी पर खरीक उत्तरी क्षेत्र के जिप सदस्य गौरव राय पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग जायज है। लेकिन, प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है। उन्होंने अनशन पर बैठे किसानों को समझा-बुझाकर जूस पिलाकर अनशन तोड़वाया। साथ ही कहा कि वे किसानों के साथ हैं। मौके पर अजीत चौधरी, सत्यप्रकाश झा, सोनू कुमार, सिट्टू कुमार, नीरज कुमार आदि मौजूद थे।


