प्रखंड के उजानी गांव स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय बुधवार को बिना किसी सूचना के बंद था। कुछ बच्चे विद्यालय तो जरूर पहुंचे थे लेकिन वह इधर-उधर चहलकदमी करते दिखे। जब ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका भी मोबाइल स्विच ऑफ था।
ग्रामीणों ने शिक्षकों से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वे लोग सफल नहीं हुए। मामला पदाधिकारियों के संज्ञान में तब आया जब स्कूल में मिड डे मील पहुंचा। मिड डे मील रिसीव करने वाला स्कूल का कोई भी जिम्मेदार शिक्षक या प्रधानाध्यापक नहीं था।
मालूम हो कि नवगछिया नगर पंचायत अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में मिड डे मील सामाजिक संगठन द्वारा तैयार किया जाता है और समय इसे स्कूल भेज दिया जाता है। पूरे मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुसूदन पासवान ने कहा कि मामले की छानबीन की जाएगी और जिम्मेदार पदाधिकारियों को जांच में लगाया जाएगा। अगर बेवजह स्कूल को बंद कर पठन-पाठन बाधित करने का मामला सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी जताई है।

ग्रामीणों ने कहा-एचएम और शिक्षक की लारवाही से बच्चों की पढ़ाई हो रही बाधित
बिना किसी सरकारी छुट्टी और सूचना के स्कूल से प्रधानाध्यापक सहित स्कूल के शिक्षकों के गायब रहने से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों ने कहा कि स्कूल के एचएम और शिक्षक मनमानी करते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। महीने में कई शिक्षक अक्सर बिना सूचना के ही गायब रहते हैं। स्कूल के प्रधानाध्यापक भी बुधवार को खुद गायब रहे और शिक्षक भी स्कूल नहीं आए। सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। बच्चों ने कुछ देर स्कूल खुने का इंतजार किया और जब कोई शिक्षक नहीं पहुंचा वे निराश होकर वापस लौट गए।
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जब प्रधानाध्यापक के मोबाइल पर फोन किया गया तो स्वीच ऑफ था। यह घोर लापरवाही है। ग्रामीणों ने कहा कि वे इसकी शिकायत डीएम से कर एचएम सहित सभी शिक्षकों के तबादले की मांग करेंगे। यहां पदस्थापित शिक्षक हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मामले की जांच कर शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।


