खरीक : उर्दू चौक से हाईस्कूल, कस्तूरबा विद्यालय, खरीक पीएचसी होते हुए गोटखरीक चौक जाने वाली सड़क वर्षो से गढ्ढे में तब्दील है। सड़क को चलने लायक बनाने के लिए बीते 3 सितबंर को ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा मिट्टी भराई का काम शुरू कराया गया था। जिसे देखकर इलाके के लोग इसलिए खुशी से इतरा उठे थे कि अब इस ज्वलंत समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। किन्तु अफसोस जिस रफ्तार से विभाग ने कार्य शुरू किया था उसी रफ्तार से कार्य पूर्ण होने के पूर्व बंद कर दिया। जिससे विभाग की उदासीनता व मनमानी ने लोगों की खुशी को उनके दिल में दफन कर डाला।
लिहाजा इलाके के हजारों लोग इसी जानलेवा सड़क पर जान को जोखिम में डालकर चलने को विवश हैं। इस सड़क से होकर गुजरने वाले शायद ही कोई ऐसा बाइकर्स होगा जो घायल या चोटिल नहीं होता है। यानी यहां हर रोज बाइक चालक सड़क पर बने गढ्ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं। किन्तु विभागीय अफसरों को इससे क्या लेना-देना। इतना ही प्रसव के लिए पीएचसी आने वाली कई पीड़िता को गाड़ी में ही प्रसव हो जाता है। किन्तु लोकलज्जा के मद्देनजर पीड़िता चुप रहना ही मुनासिब समझती हैं।

प्रखंड के हजारों मरीज व छात्रों का हर रोज होता है आना-जाना
इंटर लेवल हाईस्कूल खरीक, कस्तूरबा आवासीय विद्यालय और पीएचसी जाने-आने का एकमात्र यही रास्ता है। इसी सड़क होकर रोजाना हजारों मरीजों व छात्र-छात्राओं का आना-जाना होता है। सड़क नहीं बनने से खासकर छात्राओं व महिलाओं को भारी परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं इंटर स्कूल खरीक के प्राचार्य सत्यजीत कुमार, शिक्षक फूल कुमार, खरीक पीएचसी के चिकित्सक डॉ नीरज कुमार सिंह ने बताया कि जितना भागलपुर से गोटखरीक चौक आने में परेशानी नहीं होती है। उतना उक्त चौक से महज सौ मीटर पार कर पीएचसी व विद्यालय जाने में हो जाती है। दरअसल, सड़क की स्थिति पैदल चलने लायक भी नहीं है। इसके अलावा शायद ही ऐसा कोई दिन होगा जिस दिन कोई छात्र सड़क पर गिरकर चोटिल या घायल नहीं होते होंगे।


