भागलपुर : विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनने वाले नए पुल के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। इसके लिए एक सप्ताह के अंदर अधिघोषणा जिला प्रशासन की ओर से की जाएगी। अधिघोषणा के उपरांत चिन्हित भूमि की कीमत का निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद पंचाट तैयार कर भूस्वामी को मुआवजा देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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जिला भू-अर्जन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि अधिघोषणा के उपरांत कार्य शुरू करने का आदेश पुल निर्माण निगम को दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेतु के लिए चार मौजा की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें खरीक अंचल के महादेवपुर के थाना संख्या 107, रकवा 40 एकड़ 30 डिस्मल चिन्हित किया गया है। इसमें से 24 एकड़ जमीन बिहार सरकार की और शेष रैयत की है। इस्माइलपुर अंचल के 59.5 डिस्मल भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। सभी जमीन रैयत की है। मक्कूजान मौजा की जमीन गंगा में है और ये बिहार सरकार की है। नगर निगम के सर्वे वार्ड एक के पूर्व रेलवे की 1.44 डिस्मल जमीन है।

53 रैयतों की ली जाएगी जमीन : नए पुल के लिए 53 रैयतों की जमीन ली जाएगी। इनमें महादेवपुर, परबत्ता, मखुजान और नगर निगम का मौजा शामिल है। जमीन की कीमत तय करने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस से जमीन का केवाला निकाला जा चुका है। तीन साल पहले तक के केवाला और एमवीआर के आधार पर जमीन की दर तय की जाएगी। कीमत का मूल्यांकन होते ही रैयतों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद मुआवजे के लिए एस्टीमेट तैयार होगा

