अनुमंडल अस्पताल में अवैतनिक रूप से पोस्टमार्टम हाउस में कार्यरत गोसांयगांव निवासी पप्पू का शव संदिग्ध स्थिति में लत्तीपाकड़ गांव के एक बगीचे से रविवार को पुलिस ने बरामद किया है। पप्पू के सिर के पीछे और आंख के पास जख्म के निशान थे। परिजनों का कहना कि छिनतई कर हत्या की गई है। पुलिस मामले की प्राथमिकी दर्ज कर तहकीकात कर रही है।

आशंका : 40-45 हजार रुपए जुए में जीता था, छीनने में हुई हत्या

परिजनों ने बताया कि शनिवार को अनुमंडल अस्पताल से एक पोस्टमार्टम करने के बाद किसी के बुलाने पर लत्तीपाकड़ गांव गए थे। वह जुवा खेलने के लिए लत्तीपाकड़ गांव गए थे। रातभर वह घर नहीं आए और सुबह लत्तीपाकड़ गांव से हाकिम के पुत्र प्रमोद ने मोबाइल पर पप्पू की मौत खबर दी, बताया कि शव बगीचे में है। मौत कैसे हुई, यह पूछने पर प्रमोद कुछ भी जवाब नहीं दिया। परिजनों ने बताया कि उनलोगों को इसकी पक्की जानकारी है कि पप्पू चार से पांच हजार रुपया लेकर जुवा खेलने गए थे।

जुवा खेलने के वक्त उसके साथ में प्रमोद और अभिया का शंकर भी साथ में था। कहा कि उनलोगों को सूचना मिली कि पप्पू ने 40-45 हजार रुपये जुए में जीत लिया था। रकम छिनने के लिए ही पप्पू की हत्या कर दी गयी। मालूम हो कि पप्पू के शव के पास या घटनास्थल पर पैसे की बरामदगी नहीं हुई है।गोपालपुर थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती ने कि पप्पू बहुत तरह की बीमारियों से पीड़ित था। संभावना है कि पप्पू की मौत स्वभाविक हो, लेकिन पुलिस छानबीन कर रही है।

7 हजार लोगों का पोस्टमार्टम करने वाले का भाई ने किया पोस्टमार्टम

पप्पू अनुमंडल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस का इकलौता स्वीपर था। वह करीब 20 वर्षों से कार्यरत था। करीब 6 से 7 हजार लोगों का पोस्टमार्टम किया होगा। लोग यह सोचकर हैरान थे कि जिस पोस्टमार्टम हाउस में पप्पू ने 20 वर्षों तक सेवा दी, उसी पोस्टमार्टम हाउस में उसका शव भी पोस्टमार्टम होने के लिए आया है। जब पप्पू के पोस्टमार्टम करने की बारी आयी तो स्वीपर की तलाश होने लगी। सवाल उठने लगा पप्पू ही पोस्टमार्टम हाउस का स्वीपर था, तो अब उसका पोस्टमार्टम कौन करेगा। इस परिस्थिति में पप्पू के भाई सुभाष आगे आया और पप्पू के पोस्टमार्टम किया। सुभाष ने कहा कि पप्पू कभी-कभी उसे या फिर अपने पुत्र विकास को पोस्टमार्टम के लिए ले जाता था।

इस कारण दोनों ने काम सीख रखा था, लेकिन जिंदगी में पहली बार अकेले पोस्टमार्टम किया वह भी अपने भाई का। सुभाष ने पोस्टमार्टम हाउस से निकलने के बाद परिजनों को अपनी पीड़ा सुनाकर रो पड़ा। सुभाष ने कहा आज का दिन उसके लिए सबसे कठिन दिन था। पप्पू को दो पुत्र विकास और कुर्रा के साथ दो पुत्रियां हैं। आजाद हिंद मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने अस्पताल प्रशासन से पप्पू के परिजनों को मुआवजा देने और उसके आश्रितों को स्वीपर की स्थाई नौकरी देने की मांग की है।

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By न्यूज़ डेस्क

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