सहरसा सहित छह जिलों में 368 किमी की दूरी में रसोई गैस पाइप लाइन बिछाई जाएगी। पाइप लाइन बिछाने के लिए जियो टेक्निकल और टोटल स्टेशन सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।
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मिट्टी जांच की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। मार्च 2022 तक पाइप लाइन बिछाने की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड(आईओसीएल) की योजना है। इसी साल उदाकिशुनगंज से मधेपुरा तक गैस पाइप लाइन बिछाने की योजना है। मधेपुरा के कामर्स कॉलेज के पास से सहरसा तक अगले साल 2021 में पाइप लाइन बिछेगी। पूर्णिया से जलालगढ़ अररिया होते फारबिसगंज तक पाइप लाइन बिछाने का भी सर्वे व मिट्टी जांच की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
गुलाबबाग से कटिहार और बरौनी से भागलपुर तक भी रसोई गैस पाइप लाइन बिछाने का काम होगा। आईओसीएल के प्रोजेक्ट इंजीनियर शेखर पौड़वाल ने कहा कि दो तरीके से सर्वे और मिट्टी जांच की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पाइप लाइन 2022 तक बिछाने की योजना है।


जिस विभाग की सड़क उससे ली जाएगी एनओसी
रसोई गैस पाइप लाइन जिस विभाग की सड़कों से गुजरेगी, उससे आईओसीएल एनओसी लेगी। प्रोजेक्ट इंजीनियर ने कहा कि बुधवार को उदाकिशुनगंज से मधेपुरा होकर सहरसा तक की सड़क से पाइप लाइन गुजारने के लिए एनएचएआई बेगूसराय के अधिकारी से मिले हैं। एनओसी मिलने के बाद कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पाइप लाइन बिछाने वाले रास्ते के पेट्रोल पंप भी जुड़ेंगे
आईओसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने वाले रास्ते में पड़ने वाले पेट्रोल पंपों को भी इस महत्वपूर्ण योजना से जोड़ा जाएगा। पेट्रोल पंपों तक पाइप लाइन कनेक्शन कर पम्पों से सीएनजी गैस की आपूर्ति की जाएगी। इससे इन जिलों में सीएनजी से वाहन चलेंगे।

हर तीन किमी पर एसमी स्टेशन
हर तीन किमी पर आईओसीएल एसमी स्टेशन बनाएगी। एसमी स्टेशन पेट्रोल पंप के नजदीक रहेगा और यहां से पाइप लाइन में आई लिकेज सहित अन्य खराबी को दूर करने आईओसीएल के कर्मी जाएंगे। आईओसीएल डिस्ट्रीब्यूशन लाइन भी बनाएगी। इससे पाइप लाइन गुजरने वाली सड़कों से सटे गांवों को भी पाइप लाइन से रसोई गैस आपूर्ति की सुविधा देगी। पाइप लाइन से आपूर्ति व्यवस्था चालू होने के बाद चार दिन एलपीजी व दो से तीन दिन सीएनजी की आपूर्ति की जाएगी। एलपीजी या सीएनजी आपूर्ति से पहले पी ग्रेड मशीन से पाइप लाइन को साफ किया जाएगा।
उपभोक्ताओं को कम पड़ेगी रसोई गैस की कीमत
पाइप लाइन से आपूर्ति व्यवस्था के बाद उपभोक्ताओं को कम कीमत में रसोई गैस मिल जाएगी। आईओसीएल के प्रोजेक्ट इंजीनियर शेखर पौड़वाल ने कहा कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले हर घर को सात दिनों के अंदर रसोई गैस का कनेक्शन कर दिया जाएगा। इसकी कीमत भी कम है और अनुमान मुताबिक एक कनेक्शनधारी चार माह तक मात्र आठ रुपये खर्च पर रसोई गैस का उपयोग कर लेंगे। प्रदूषण नहीं फैलने से पर्यावरण के दृष्टिकोण से यह व्यवस्था लाभकारी साबित होगी।
