करीब एक वर्ष से पुलिस के साथ आंख मिचौनी खेल रहा है छोटुवा

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नवगछिया : नवगछिया के रसलपुर निवासी बाहुबली राजद नेता विनोद यादव हत्याकांड, मकंदपुर निवासी ललन साह हत्याकांड और भी जघन्य वारदातों के आरोपी गोपालपुर के लत्तरा गांव के निवासी शातिर पुरषोत्तम कुमार यादव उर्फ छोटुवा यादव लगभग एक वर्ष से नवगछिया पुलिस के साथ आँख मिचौनी का खेल खेल रहा है. पुलिस सूत्र कह रहे हैं कि छोटुवा महाराष्ट्र के बाद पंजाब गया और इन दिनों वह फिर से बिहार आ चुका है. मालूम हो कि कुछ दिन पूर्व छोटुवा महाराष्ट्र में अपने गांव के ही एक व्यक्ति के आवास पर छुप कर रह रहा था. नवगछिया पुलिस ने जब महाराष्ट्र जाकर छापेमारी किया तो छोटुवा पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. छोटुवा को पनाह देने वाले उसके ग्रामीण को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. उसी व्यक्ति की निशानदेही पर पुलिस ने छोटुवा की बाइक को भी बरामद किया था. उक्त कार्रवाई के बाद भी  छोटुवा का लोकेशन महाराष्ट्र बताया जा रहा था. नवगछिया पुलिस की टीम महाराष्ट्र छोटवा की गिरफ्तारी के लिए पहुंची. मगर पुलिस के पहुंचने के से पूर्व ही वह दूसरे स्थान पर चला गया था. जब पुलिस महाराष्ट्र में छोटवा की खोज कर रही थी, तब पुलिस को छोटवा का लोकेशन पंजाब के चंडीगढ़ में मिला. अब नवगछिया पुलिस चंडीगढ़ जाने की तैयारी में ही थी कि हाल के दिनों में लोकेशन बिहार बताने लगा है. इस तरीके से पुलिस यह पता नहीं कर पा रही है कि आखिर छोटवा छुपा कहां है. छोटवा का मोबाइल लोकेशन अलग-अलग जगहों पर बताने से पुलिस छोटवा के सही ठिकाने पर नहीं पहुंच पा रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छोटवा चंडीगढ़ को छोड़ बिहार वापस आ गया है. सूत्रों का यहां तक कहना है कि छोटू एक बार फिर अपने घर के आस पास देखा भी गया है. छोटवा के नवगछिया में आने से एक बार फिर भी बड़ी घटना घटने की आशंका बढ़ गई है.

पुलिस के पहुंचते ही छोटवा हो जाता है फरार

पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस की मुखबिरी करने वाले छोटवा का पता जैसे ही पुलिस को देते हैं, उसकी खबर की भनक छोटवा को भी लग जाती है. इसके बाद वह यह जगह को छोड़ दूसरे स्थान पर चला जाता है. पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है.  उसकी माने तो एक बार फिर वह नवगछिया में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है. जिसके लिए वह वापस नवगछिया लौटा है. नवगछिया में कई घटना को अंजाम देकर सुपारी किलर के नाम से जाने जाने वाले छोटवा को बिहार वापस  इसलिए लौटना पड़ा कि उसके पास मौजूद रकम खत्म होने की कगार पर था. पैसे की कमी के कारण बाहर रह पाना संभव नहीं था. सूत्रों की माने तो छोटवा के टारगेट पर दो वैसे लोग हैं जिसे पहले से छोटवा अपने अपने रास्ते से हटाना चाहता था, मगर दोनों से पहले ही विनोद यादव की हत्या कर वह बाहर चला गया था. इसके बाद कुछ दिनों तक पुलिस की निगाहों से बचने के लिए बिहार छोड़ बाहर चला गया था.

असुरक्षित महसूस कर रहा है छोटुवा

इन दिनों विरोधी गुट से छोटुवा को जान का खतरा है. यही कारण था कि छोटुवा बिहार से बहार भाग गया. सूत्र बता रहे हैं कि छोटुवा अपनी कोई गतिविधि खुल कर संचालित नहीं कर पा रहा है. छोटुवा की हरेक गतिविधि की सूचना पुलिस से पहले उसके विरोधी गुट के लोगों को मिल जा रही है. सूत्र बताते हैं कि छोटुवा के शुभ चिंतकों ने उसे सलाह दी है कि उसके लिए सबसे सुरक्षित जगह जेल है.

क्या कहते हैं डीएसपी

नवगछिया एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने कहा कि  कुछ महीने पूर्व छोटवा का लोकेशन महाराष्ट्र बताया था. जिसके बाद पुलिस की टीम महाराष्ट्र पहुंची थी. जहां जहां छोटवा तो हाथ नहीं लग सका मगर छोटवा जिस अस्पताल में अपना इलाज करवाया था, वहां के डॉक्टर की तलाश पुलिस टीम द्वारा कर ली गई थी. वैसे छोटवा का लोकेशन बिहार बताया जा रहा है ,इसकी जानकारी हमें नहीं है, छोटवा गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.

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By Rishav Mishra Krishna

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