खरीक चाैक के पास एनएच-31 पर शुक्रवार की रात करीब 12 बजे सड़क पर खड़े ट्रक में कटिहार की ओर से आ रहे एक दूसरे ट्रक ने सामने से टक्कर मार दी। इस हादसे में कटिहार की अाेर से अा रहे ट्रक के ड्राइवर, खलासी और उसपर सवार रांची के रातू के दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि छपरा के तीन मजदूर घायल हो गए। रांची के दंपति कटिहार से साइकिल से अपने घर जा रहे थे। नवगछिया बस स्टैंड के पास लिफ्ट लेकर ट्रक पर चढ़े थे। छपरा के तीनाें मजदूर भी कटिहार से पैदल अा रहे थे।
इनलाेगाें ने भी नवगछिया में ही ट्रक में लिफ्ट लिया था। ट्रक ड्राइवर ने इन्हें हाजीपुर में उतारने का अाश्वासन दिया था। ट्रक चालक व खलासी नालंदा के रहने वाले थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कटिहार से अा रहे ट्रक के चालक के केबिन के परखच्चे उड़ गए। दूसरा ट्रक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि उस समय उस ट्रक में काेई नहीं था। उस ट्रक का ड्राइवर व खलासी फरार है। खरीक पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेज दिया। घायलों को खरीक पीएचसी भेजा, जहां से उन्हें डॉक्टरों ने मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया।
अाधार कार्ड से हुई मृतकाें की पहचान
मृतकों की पहचान उनके आधार कार्ड से हुई। मरने वालों में नालंदा के हिलसा थाना क्षेत्र के गुमली गांव निवासी श्रीकांत प्रसाद के पुत्र ट्रक के चालक गुंजन कुमार (30), इसी गांव के बालचंद्र प्रसाद के पुत्र खलासी सुनील प्रसाद (32), रांची के रातू थाना क्षेत्र के कुंदाग निवासी जलेश्वर पांडेय के पुत्र गोपाल पांडेय (32 ) और गोपाल की पत्नी उषा देवी (29) शामिल हैं। घायलों में छपरा के गंडार निवासी जलेश्वर राय के पुत्र बाबूनंद कुमार (26), इसी जिले के केरवा निवासी बिरेश सिंह के पुत्र अमित कुमार (19) और रामाशीष राय के पुत्र अर्जुन राय (26) शामिल हैं। खरीक थाने के एएसआई शंभु उरांव ने बताया कि मृतकों के परिजनों को दुर्घटना की सूचना दे दी है। पहले से खड़े ट्रक के चालक और खलासी का भी पुलिस पता लगा रही है।

एनएच-31 पर खड़े ट्रक में दूसरे ट्रक के टक्कर मारने के बाद चार लोगों की मौत व तीन लोग घायल हो गए। पीएचसी में घायलों ने बताया कि वे लाेग कटिहार के एक निजी कंपनी में काम करते हैं। मार्च से ही कंपनी ने पेमेंट नहीं दिया है। कंपनी प्रबंधन ने कहा कि अभी पैसा नहीं मिलेगा। अपने घर चले जाएं। भाेजन की दिक्कत हाे रही थी, इसलिए हमलाेग कटिहार से पैदल छपरा स्थित गांव जा रहे थे।
दो दिन बाद शुक्रवार की रात नवगछिया पहुंचे। रास्ते में अा रहे ट्रक को रुकवाया। चालक ने हाजीपुर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हमलाेग डाला पर सवार हो गए। उसमें पहले से रांची के दंपति बैठे थे। बातचीत में पता चला कि वे भी कटिहार से साइकिल से आ रहे हैं। नवगछिया बस स्टैंड के पास ट्रक पर सवार हुए हैं।
सड़क पर खड़ा था ट्रक, रात्रि गश्ती कर रही पुलिस की नहीं पड़ी नजर
सवाल उठता है कि एनएच 31 पर खाली ट्रक सड़क पर क्यों खड़ा था। उसके चालक व खलासी कहां थे। घटनास्थल के समीप कोई ढाबा या होटल भी नहीं है। रात्रि गश्ती कर रही पुलिस की नजर खड़े ट्रक पर क्याें नहीं गई। लॉकडाउन में कटिहार से पैदल व साइकिल से अा रहे लाेगाें काे पुलिस ने क्याें नहीं राेका।
जबकि दंपति ट्रक पर सवार हुए थे वहां एसपी का आवास है और जहां मजदूर सवार हुए थे वहां पुलिस कैम्प है। पुलिस की नजर से बचने के लिए लोग रात में सफर कर रहे हैं। अगर जिम्मेदारों ने उन्हें रोका होता तो संभवत: वे हादसे का शिकार नहीं होते।


