नौकरी नहीं मिलने पर बीए पार्ट टू के छात्र ने फांसी लगाकर जान दे दी। फांसी लगाने से पहले वह मंदिर भी गया था। वहां से लौटकर आया और घर में कमरे की छत से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। दिल दहला देने वाली यह घटना नवगछिया थाना क्षेत्र के सिमरा गांव में मंगलवार दोपहर की है। घटना की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने परिजनों के बयान पर यूडी केस दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक शंकर शर्मा का पुत्र सेवक कुमार शर्मा (23 वर्ष) मारवाड़ी कॉलेज में बीए पार्ट टू का छात्र था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि सेवक एसएससी जीडी की परीक्षा पास की थी। उसका मैरिट लिस्ट आने वाला था, लेकिन लॉकडाउन के कारण रिजल्ट पेंडिंग हो गया था। इस कारण वह मानसिक तनाव में था।
पिता शंकर शर्मा ने बताया कि सुबह से सेवक पूरी तरह से सामान्य दिख रहा था। दोपहर में वह गांव स्थित मंदिर गया। वहां से आने के बाद अपने कमरे में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। जब उसे खाना खाने के लिए बुलाने गए तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। फिर दरवाजे को धक्का देकर खोला तो देखा कि उसका शव फंदे से लटक रहा था। इसके बाद शोर सुन आसपास के लोग पहुंचे और शव को फंदे से उतारा गया।
थाना क्षेत्र के सिमरा गांव निवासी शंकर शर्मा के पुत्र सेवक कुमार शर्मा की आत्महत्या के बाद गांव में कई तरह के चर्चे हो रहे हैं। छात्र की आत्महत्या का कारण कहीं पारिवारिक विवाद तो नहीं था। ग्रामीणों की मानें तो सेवक कुमार का घर के ही किसी सदस्य के साथ किसी बात को लेकर सोमवार की रात विवाद हुआ था।

इसके बाद वह रात से खाना भी नहीं खाया था।मंगलवार की सुबह भी घर विवाद हुआ था। कहीं इसी से गुस्से में आकर उसने यह कदम तो उठाया। हालांकि परिजन ऐसी किसी बात से साफ इनकार कर रहे हैं। अब पुलिस की जांच के बाद ही मामले का खुलासा हो सकता है।
पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था सेवक
परिजनों ने बताया कि सेवक शर्मा पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करता था। उसने नवगछिया हाईस्कूल से मैट्रिक और जीबी कॉलेज नवगछिया से इंटर की परीक्षा पास की थी। वह आम युवकों से काफी अलग था। और जल्द नौकरी पाकर परिवार की सहायता करना चाहता था। शायद इसी वजह से मैरिट लिस्ट नहीं आने पर वह मानसिक तनाव में आ गया था। सेवक चार भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई नंदन कुमार पंचायती राज विभाग में कार्यपालक सहायक है। सेवक की मौत की सूचना मिलते ही वह भी अस्पताल पहुंचा। उसकी मौत के बाद मां वीणा देवी सहित पूरा परिवार सदमे में है।


