संपत्ति के अधिकार के लिए लड़ाई वर्षों से चलती आ रही है। इन तकरारों से रिश्तों में दरार पड़ रही है। बहुत मामलों में रिश्ते टूट भी जाते हैं। इन दिनों ये मामले बढ़ते जा रहे हैं, क्योंकि महिलाओं में अधिकारों के प्रति काफी जागरुकता आ गई है। महिलाएं अब ससुराल की संपत्ति में ही नहीं, मायके की संपत्ति पर हक जता रही है। उसके लिए लड़ रही हैं। ऐसे कुछ मामले नवंबर से दिसंबर तक महिला हेल्पलाइन में अाए।
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केस 2 : बहन ने भाई पर लगाया मारपीट और धमकाने का आरोप
एक और मामला हाल ही में सामने आया है। एक बहन अपने भाई के खिलाफ महिला हेल्पलाइन में शिकायत की है। उसने मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है। भाई अक्सर संपत्ति नहीं देने की बात करता है और मां-पिता को भी डरा-धमका कर रखता है। बहन प्रताड़ना से इतनी डर गई कि वह महिला हेल्पलाइन आ पहुंची। वहीं भाई आरोपों पर चुप रहा। महिला हेल्पलाइन में दोनों की काउंसिलिंग जारी है।

केस 1 : तीन बहनों की लड़ाई में मां को घर से निकाला, किराए के घर में रहने काे मजबूर
परसा बाजार का एक मामला चौंकाने वाला था। परिवार में सिर्फ तीन बहनें और मां हैं। दो बहनों की शादी हो गई है। छोटी बहन मां के साथ घर में रहती थी। दोनों बहनों ने मां और बड़ी बहन को इतना तंग किया कि उन्हें घर छोड़ना पड़ा। अाज वे किराए के मकान में रह रही हैं। उधर, छोटी बहन पर बड़ी बहन ने आरोप लगाया है कि वह मां को जान-बूझकर अपने साथ रखना चाहती है, ताकि संपति अपने नाम करवा सके। महिला हेल्पलाइन में शिकायत के बाद मां को अपने घर भेजा गया है। तीनों बहनों को समझाया गया है, पैतृक संपत्ति या घर पर तीनाें का समान अधिकार है।
इन दोनों मामलों की काउंसिलिंग काउंसलर सरिता सजल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले महिला हेल्पलाइन में पहली बार आए हैं, जहां बेटियां मायके की संपत्ति के लिए डट कर खड़ी हैं। ये महिलाअाें की जागरुकता काे दर्शाता है। यह एक तरह से अच्छा संकेत है।

