प्रखंड के नगरह स्थित प्राचीन वेंकटेश्वर मंदिर की हालत जर्जर हो गया है। 10 साल पहले इसकी मरम्मत ग्रामीणों ने चंंदा जुटा कराई थी। इसके बाद से यह मंदिर जीर्णोद्धार की बाट जोह रहा है। नवगछिया स्टेशन से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर की मरम्मत 2010 में ग्रामीणों के सहयोग से मरम्मत कराई गई। लेकिन अब इसकी हालत खस्ता हो गई है।
मंदिर का 1957 में धार्मिक न्यास बोर्ड में रजिस्ट्रेशन भी करवाया गया था। 2000 में धार्मिक न्यास बोर्ड ने डीएम को मंदिर की यथास्थिति जानने के लिए पत्र भी लिखा था। इसके बाद तत्कालीन डीएम नर्मदेश्वर लाल ने मंदिर का जायजा लिया था। उन्होंने मंदिर को पर्यटन स्थल की सूची में शामिल करने के लिए न्यास बोर्ड को रिपोर्ट भी भेजी थी। लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

118 साल पहले जमींदार नंदकिशोर सिंह ने करया था मंदिर का निर्माण
नगरह के जमींदार नंदकिशोर सिंह ने 118 साल पहले मंदिर का निर्माण कराया था। वे तिरुपति बालाजी धाम भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए गए थे। लौटने के बाद उन्होंने अयोध्या के आध्यात्मिक गुरु बलभद्राचार्य के पास जाकर नगरह में वेंकेटेश्वर मंदिर निर्माण की इच्छा जताई। इसके बाद वहां से कुशल कारीगरों से वृंदावन में श्रीदेवी, भूदेवी, श्रीनिवास, रामानुजाचार्य, श्रीवरवरमुनि, शठकोप स्वामी, श्री गरुड़ स्वामी की प्रतिमा का निर्माण किया गया। इसके बाद 1903 में मंदिर की स्थापना हुई।


