हिन्दु धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस साल भेले बाबा का महापर्व महाशिवरात्रि 11 मार्च को फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की त्रियोदशीयुक्त चतुर्दशी तिथि को मनायी जायेगी। अयोध्यागंज बाजार के माता वैष्णवी देवी के आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर के अनुसार इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं।

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उन्होंने बताया कि इस दिन विशेष रुप से शिवयोग और सिद्धि योग रहेगा। नक्षत्र घनिष्ठा रहेगा तथा चन्द्रमा मकर राशि में विराजमान रहेगा। भगवान शिव के महापर्व को लेकर जिले के शिव मंदिरों में तैयारियां शुरु हो गई है। श्री ठाकुर ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। इस दिन शिवलिंग का पंचोपकार पूजन और रात्रि जागरण विशेष फलदायी होता है। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन शिव की आराधना कई गुणा अधिक फलदायी है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से युवतियों को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की चार पहर की विशेष पूजा का महत्व है।

निशियकाल में पूजा 11 मार्च की रात 12 बजकर 15 मिनट से करीब एक बजे तक रहेगी। उन्होंने बताया कि पुराणों में वर्णन है कि भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह इसी दिन हुआ था जिसमें देव, दानव, किन्नर, गंधर्व, भूत, पिशाच भी शामिल हुए थे।

By न्यूज़ डेस्क

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