बिहार में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. हर रोज बढ़ रहे नए मामले और उससे जुड़े आंकड़े भयावह होते जा रहे हैं. 215 दिन बाद गुरुवार को बिहार में कोरोना के सबसे अधिक 1911 नये केस मिले जिसके बाद से चिंता और बढ़ गयी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज शाम साढ़े पांच बजे सचिवालय स्थित संवाद से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना संबंधित कुछ जानकारी साझा करेंगे.
चर्चा है कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर वो कुछ बंदिशों को बढ़ाने का ऐलान कर सकते हैं. बता दें बिहार में सभी शैक्षणिक संस्थाओं को 12 अप्रैल तक बंद करने के अलावा और कई तरह की बंदिशें बीते हफ्ते से ही लागू है. चर्चा है कि क्या आज सीएम नीतीश नाइट कर्फ्यू जैसी बंदिशों के बारे में चर्चा कर सकते हैं. इसके अलावा कोरोना वैक्शिनेशन और कोरोना जांच में सहभागिता के लिए लोगों से अपील कर सकते हैं.

माना जा रहा है कि इस बैठक में सीएम बिहार की जनता को संबोधित करेंगे और कोरोना से बचाव को लेकर बात करेंगे. गौरतलब है कि बिहार में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ कर 7500 से ज्यादा हो गयी है. आज मुंबई से आने वाली ट्रेनों में कई यात्री पॉजिटीव पाये गए हैं. बिहार में सबसे ज्यादा कोरोना केस पटना में है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को ही कहा था कि राज्य के बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की कोरोना जांच होगी. रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उन्हें कुछ दिनों के लिए अलग रखा जायेगा.सीएम ने कहा कि दुनिया के अन्य देशों की तुलना में कोरोना से होने वाली मृत्यु की दर भारत में कम है.
कोरोना से औसत मृत्यु दर देश में 1.3% है, जबकि बिहार में यह 0.5% है. जहां तक टेस्टिंग की बात है, तो प्रति 10 लाख आबादी पर देश में औसत जांच से बिहार में आठ हजार ज्यादा जांच करायी गयी.


