मानसून की दस्तक से मौसम हुआ सुहाना, बारिश ने दिलाई भीषण गर्मी से राहत

जवाद’ चक्रवात के कारण देश में कई हिस्‍सों में अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है, आंध्र प्रदेश के बाद यह तूफान ओडिशा की तरफ पहुंचेगा और भारी बारिश होगी. क्‍या आपको मालूम है, ‘जवाद’ के बाद आने वाले अगले तूफान का नाम ‘असानी’ है. यह नाम किसने दिया है, तूफानों के ज्‍यादातर नाम इतने अजीब क्‍यों होते हैं, इनके नाम कैसे तय होते हैं, जानिए इन सवालों के जवाब….


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जवाद के बाद आने वाले तूफानों के नाम अभी जान लीजिए

मौसम विभाग (IMD) अब तक 169 तूफानों के नाम जारी कर चुका है. ये नाम वर्ल्‍ड मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट  (WMO)  के पैनल ने अप्रैल 2019 में स्‍वीकृत किए थे. लिस्‍ट के मुताबिक, जवाद के बाद आने वाले अगले तूफान का नाम होगा ‘असानी’. यह नाम श्रीलंका की ओर से दिया गया है. इसके बाद थाइलैंड की ओर से ‘सितरांग’,  संयुक्‍त अरब अमीरात की ओर से ‘मेंडस’ और यमन की ओर से ‘मोछा’ जैसे तूफान के नाम दिए गए हैं.’

इतने अजीब क्‍यों होते हैं तूफानों के नाम?

तूफानों के नामकरण की शुरुआत अटलांटिक क्षेत्र में 1953 में हुई एक संधि से की गई, जबकि हिंद महासागर क्षेत्र में यह व्यवस्था वर्ष 2004 में शुरू हुई. भारत की पहल पर इस क्षेत्र के 8 देशों ने तूफानों का नामकरण शुरू किया. इनमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, और थाईलैंड शामिल था. फिर वर्ष 2018 में इसमें यूएई, ईरान, कतर ओर यमन आदि देश भी जुड़े. तूफानों के नाम यही 12 देश देते हैं.

तूफानों को दिए जाने वाल नामों का एक खास मतलब होता है, जो उस देश की भाषा और संस्‍कृति को दिखाता है. इसे हाल‍िया चक्रवात ‘जवाद’ के उदाहरण से समझ सकते हैं. यह नाम सऊदी अरब ने दिया है. यह एक अरबी भाषा का शब्‍द है, जिसका मतलब होता है ‘उदार’. कहा जा रहा है कि पहले आ चुके तूफानों की तुलना में यह कम खतरनाक होगा. आसान भाषा में समझें तो नुकसान कम होगा. इसलिए हो सकता है किसी तूफान का नाम आपके लिए नया या अजीबोगरीब हो, लेकिन उसका नामकरण करने वाले देश के लिए वो एक खास शब्‍द होता है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जवाद चक्रवात सतह से टकराएगा तो हवा की रफ्तार  50-55 किमी प्रति घंटा हो सकती है, जो बाद में बढ़कर 100 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

यहां देखने आने वाले तूफानों कीपूरी लिस्‍ट

तूफानों के नामकरण की प्रक्रिया में शामिल 13 देशों ने 13-13 नाम दिए हैं. कुल मिलाकर 169 नामों की एक लिस्‍ट तैयार की गई है. भारत की ओर से दिए गए तूफानों के नामों में गति, तेज, मुरासु, आग, व्‍योम, झार, प्रोबाहो, नीर, प्रभंजन, घुरनी, अंबुद, जलध‍ि और वेग शामिल हैं.

वर्तमान में पहली लिस्‍ट में मौजूद नाम ही तूफानों के लिए इस्‍तेमाल किए जा रहे हैं, जैसे- सऊदी अरब की ओर से दिया गया नाम जवाद. तूफानों के नामकरण के लिए पहली लिस्‍ट पूरी होने के बाद दूसरी लिस्‍ट के नामों को लिया जाएगा.

लिस्‍ट में बांग्‍लादेश और भारत से पहले क्‍यों हैं, इसकी वजह जानिए

नामकरण की प्रक्र‍िया में शामिल सदस्य देश अपनी ओर से नामों की जो सूची देते हैं, उन देशों की अल्फाबेटिकल लिस्टिंग की जाती है. जैसे अल्फाबेट के हिसाब से सबसे पहले बांग्लादेश (Bangladesh), फिर भारत (India) और फिर ईरान (Iran) और अन्य देशों का नाम आते हैं, उसी क्रम में सुझाए गए नाम पर तूफानी चक्रवातों का नामकरण किया जाता है.

By न्यूज़ डेस्क

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